कोरोना काल में छूटे 6800 बच्चों और 5200 गर्भवती महिलाओं को अब टीके लगाए जाएंगे। इसे लेकर नौ जनवरी से विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। यह अभियान मार्च तक चलेगा। इस कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुटा है।
एमआर (मीजल्स रुबेला) उन्मूलन के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार कर लिया गया है। प्रथम चरण में टीकाकरण अभियान नौ से 20 जनवरी तक चलेगा। इसमें 5 वर्ष आयु तक के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, क्योंकि कोरोना काल में दो साल तक नियमित टीकाकरण प्रभावित रहा। इसमें करीब सवा लाख बच्चे टीका लगने से वंचित रह गए थे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय ने बताया कि बीमारियों के बचाव के लिए नियमित टीकाकरण अत्यंत प्रभावी है। खसरा व रूबेला संचारी रोग है, जिसे एमआर वैक्सीन की दो खुराकों से नियंत्रित किया जा सकता है। पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को एमआर की दो-दो व अन्य वैक्सीन दी जानी है।
सीएमओ डा. आईएन तिवारी ने बताया कि मीजल्स रुबेला उन्मूलन एवं नियमित टीकाकरण कार्यक्रम सुदृढ़ीकरण के लिए पांच साल से कम आयु वर्ग के बच्चों के हेड काउंट सर्वे एवं टीकाकरण के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. संजय ने बताया कि विशेष टीकाकरण अभियान तीन चरणों में चलेगा। सर्वे में चिन्हित किए गए बच्चों का टीकाकरण कराया जाएगा। पहले चरण का विशेष टीकाकरण अभियान नौ से 20 जनवरी तक चलेगा। दूसरा चरण फरवरी में 13 फरवरी से 24 फरवरी और तीसरे चरण का टीकाकरण अभियान मार्च में 13 से 24 मार्च तक चलेगा।