अहरौला। चार माह से राशन न मिलने के विरोध में रविवार को खजुरी के ग्रामीणों ने कोटेदार और पूर्ति विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गांव में प्रदर्शन कर पूर्ति विभाग की मिलीभगत से राशन की कालाबाजारी की आरोप लगाया। मामले की शिकायत फोन पर डीएम से की गई तो उन्होंने सभी को सोमवार को कार्यालय बुलाया है। जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अहरौला ब्लाक के खजुरी गांव के ग्रामीण दो कोटेदारों के बीच में चार महीने से पिस रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खजुरी के गांव के कोटेदार विंध्याचल मौर्य और सप्लाई इंस्पेक्टर की मिलीभगत से कालाबाजारी का खेल खेला जा रहा है। चार महीने से ग्रामीणों को राशन नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने चार माह पहले कोटेदार विंध्याचल मौर्या की शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी से की थी। उन्होंने जांच की थी। शिकायत सही पाए जाने पर कोटेदार पर अर्थदंड भी लगाया था। इसके बाद भी दो महीने का राशन विंध्याचल मौर्य ने अपने यहां डंप कर लिया और मेडिकल पर चले गए। ग्रामीणों में वितरण नहीं किया। ग्रामीणों के विरोध के बाद सप्लाई इंस्पेक्टर की मिलीभगत से खजुरी गांव की दुकान चार किलोमीटर दूर दूसरी न्याय पंचायत में अटैच कर दी गई। इससे न ग्रामीणों को खजुरी में राशन मिल पा रहा है और न ही नहीं दूसरे गांव में। आंदोलित ग्रामीण दुकान को आसपास के कोटे से अटैच करने की मांग कर रहे हैं। पूर्ति निरीक्षक और एसडीएम के यहां कई शिकायतें की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। रविवार को ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन कर फोन पर डीएम से शिकायत की। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ग्रामीणों ने सोमवार को लिखित शिकायत करने को कहा है। आश्वासन दिया कि जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी। पूजा, शकुंतला, रामावती, सामर्थी, लल्ली, दुर्गावती, प्रमिला, अमरावती देवी, सुगना देवी, सुनीता देवी, मुक्ता देवी, जितेंद्र, रतन कुमार रहे।