हरियाली बढ़ाने के लिए फिर से नया लक्ष्य आ गया है। इस साल 57 लाख पौधे रोपण का लक्ष्य दिया गया है। इसे लेकर विभाग तैयारियों में जुट गया है। जबकि बीते वर्ष भी 59 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया था। लेकिन रोपे गए पौधे देखरेख के अभाव में सूख गए। जनपद का कुल क्षेत्रफल 4054 वर्ग किमी है। इसके सापेक्ष मात्र 108 फीसदी ही वन क्षेत्र है। कुल क्षेत्रफल को देखते हुए वन क्षेत्र काफी कम है। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए पौधरोपण की तैयारी की है। इसी कड़ी में इस वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित कर लिया है। जनपद को इस साल 57 लाख पौधे रोपित करना होगा। इसमें सबसे ज्यादा ग्राम्य विकास को 39 लाख से अधिक और वन विभाग 18 लाख पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया है। वैसे पिछले साल जिले में रिकार्ड पौधरोपण का दावा किया गया है। जिले को 59,48,900 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। शायद इसी कारण शासन ने लक्ष्य इस बार कमकर 57 लाख दे दिया है। अब देखना यह है कि लक्ष्य हरियाली और वन क्षेत्र को बढ़ाने में कितना कारगर साबित होगा। गंगादत्त मिश्रा, डीएफओ आजमगढ़ ने बताया कि शासन से पौधरोपण का जो लक्ष्य मिला है। उसके अनुसार पौधों की उपलब्धता की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस बार लक्ष्य पिछले साल से कम मिला है। लक्ष्य का आवंटन अभी नहीं किया गया है। इसे लेकर छह जून को बैठक होनी है।