जनपद में 54 हजार से अधिक बिजली मीटर खराब पड़े हैं। इन्हें बदला नहीं जा सका है। सही रीडिंग न होने से आरडीएफ और आईडीएम श्रेणी की बिलें निकल रही है। सही बिजली बिल न मिलने से उपभोक्ता ओटीएस का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
जिले में विद्युत आपूर्ति के लिए छह डिवीजन बनाए गए हैं। डिवीजनों में विभिन्न भार के 6.90 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं के यहां विभाग द्वारा मीटर लगाया गया है। इसके माध्यम से उन्हें हर माह बिजली का बिल मिलता है। विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाय तो जिले में 54122 बिजली मीटर खराब पड़े हैं। इसमें सबसे ज्यादा लालगंज और कप्तानगंज डिवीजन में मीटर खराब होने के मामले सामाने आए हैं। डिवीजन प्रथम शहर में 352, सगड़ी में 1768, लालगंज में 22135, कप्तानगंज में 19010, मुबारकपुर में 2423 और फूलपुर डिवीजन में 7634 मीटर खराब पड़े हैं। मीटर खराब होने और बिलिंग कंपनी के मीटर रीडरों की मनमानी से उपभोक्ताओं को सही बिल नहीं मिल पा रही है। कई उपभोक्ताओं के बिल रीडिंग डिफेक्ट आरडीएफ और इंस्टूमेंट डिफेक्ट आईडीएफ श्रेणी में बना दिए गए हैं। इसलिए इसमें सरचार्ज और बकाए का उल्लेख सही नहीं किया गया है। बिल में गड़बड़ी के कारण उपभोक्ताओं का ओटीएस का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वह उसे सही कराने के लिए उपकेंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं।
हर एसडीओ का प्रतिदिन 300 गड़बड़ बिलों को सही करने का टागरेट दिया गया है। जिससे कि अधिक से अधिक उपभोक्ता ओटीएस का लाभ उठा सकें। रही बात खराब मीटर की तो उसे भी तेजी से बदला जा रहा है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता द्वितीय।