लाटघाट। प्रधान संघ की बैठक शुक्रवार को हरैया विकास खंड सभागार में हुई। जिसमें प्रधानों के अधिकारों को लेकर मंथन किया गया और सरकार पर प्रधानों के अधिकार छीनने का आरोप लगाया गया। इसके साथ ही 14 फरवरी को जिले में आ रही प्रधान जागरूकता यात्रा के स्वागत की रणनीति भी बनाई गई। जिलाध्यक्ष लौहर यादव ने कहा कि 1993 के संविधान संशोधन में प्रधानों को 29 विभागों का अधिकार मिला था। जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, ग्राम विकास, आपूर्ति आदि 29 विभाग शामिल थे। उस समय प्रधानों को मिनी मुख्यमंत्री तक कहा जाता था, लेकिन संविधान संशोधन के बाद सरकारों ने एक-एक कर प्रधानों के अधिकारों में कटौती शुरू कर दी। आज की स्थिति यह है कि हम सिर्फ नाम मात्र के ग्राम प्रधान बन कर रह गए है। हमारे पास कोई अधिकार नहीं रह गए है। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी से प्रधान जागरूकता यात्रा की शुरूआत हो रही है। यह यात्रा विभिन्न जनपदों से होते हुए 14 फरवरी को जिले में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि यात्रा का जोरदार स्वागत करने के साथ ही ग्राम प्रधान संघ उसी दिन जिलाधिकारी को पत्रक सौंप कर अधिकारों की मांग करेगा। इस अवसर ग्राम प्रधान नीरज राय, अमित यादव, बबलू, प्रभाकर, धर्मेद्र यादव, सर्वेश, परमानंद, रामबदन, सतीश आदि मौजूद रहे।