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बिना लगे ही सूख गये रोपण के लिए आये 117 पौधे

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लाटघाट (आजमगढ़)। पर्यावरण की शुद्धता को लेकर सरकार भले ही तमाम योजनाएं बना ले, लेकिन उनका क्रियान्वयन ठीक ढंग से नहीं होता है। जिसका नतीजा है कि जूनियर हाईस्कूल में रखे-रखे ही 117 पौधे सूख गये और उनका रोपण कहीं नहीं हो सका। आज भी विद्यालय के एक कमरे में सूखे हुए पौधे पड़े हुए है। अक्टूबर 2017 में शासन ने वृहद पौधरोपण कार्यक्रम संचालित किया था। जिसके तहत प्रत्येक विद्यालय को पचास-पचास पौधे लगाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसी योजना के तहत एनपीआरसी रौनापार के तहत आने वाले विद्यालयों द्वारा लगाये जाने के लिए पौधे आकर जूनियर हाईस्कूल रौनापार पर रखा गया था। काफी पौधों का रोपण तो हो गया लेकिन 117 पौधे बिना रोपित हुए ही एनपीआरसी के एक कमरे में पड़े -पड़े ही सूख गये। एनपीआरसी रौनापार शिक्षा क्षेत्र हरैया के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में कुल 115 प्राथमिक और 55 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। प्रत्येक विद्यालय पर 50-50 पौधे के हिसाब से 5850 पौधों का रोपण इस क्षेत्र में किया जाना था। लेकिन पूरे क्षेत्र में कहीं एक भी पौधा लगा हुआ दिखायी नहीं दे रहा है। एनपीआरसी रौनापार के एक कमरे में पड़े 117 सुखे हुए पौधे के बारे में प्रधानाध्यापिका उषा राय ने बताया कि एनपीआरसी के तहत 12 विद्यालय आते है। सभी विद्यालयो के लिए पौधा यहीं आकर रखा हुआ था। काफी पौधे रोपित करा दिये गये थे। जो बचे है उन्हें अभयनपट्टी और सोनौरा विद्यालयों के माध्यम से लगाया जाना था। उस वक्त बाढ़ आयी हुई थी, जिसके चलते ही इन पौधों का रोपण नहीं हो सका था। जनार्दन यादव, खंड शिक्षाधिकारी, हरैया, आजमगढ़ ने बताया कि शासन ने पौधरोपण के लिए पौधे उपलब्ध कराये थे। इन्हें रोपित कराया जाना चाहिए था। यदि सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गये पौधो रोपित नहीं कराये गये है और बिना रोपित हुए ही पौधे सूख गये है तो इसकी जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
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