सरकार की ओर से स्वच्छता अभियान के तहत सार्वजनिक व व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। लेकिन न तो इन शौचालयों का उपयोग हो पा रहा है न तो शिकायत पर जिम्मेदार सतर्क हो रहे हैं। सार्वजनिक शौचालयों की देखरेख के लिए समूह सखियों की तैनाती गई है। लेकिन 50 फीसदी शौचालयों का ताला खोले बिना ही समूह सखियां मानदेय उठा रही हैं।
अहरौला ब्लाॅक की ग्राम सभाओं में जगह-जगह सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया है। गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है लेकिन आज भी बहुत से लोग खुले में शौच जा रहे हैं। बहुत से लोगों ने व्यक्तिगत शौचालय में उपले रख दिए हैं। अहरौला ब्लाॅक में कुल 94 ग्राम सभा है इनमें 92 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। 2014 से अब तक लगभग 37000 व्यक्तिगत शौचालयों का भी निर्माण कराया गया है। सार्वजनिक शौचालय में ज्यादातर शौचालय या तो उपयोग के लायक नहीं है या ताला लटक रहा है। अमर उजाला की ओर से कई सार्वजनिक शौचालयों की पड़ताल में हकीकत सामने आई।
अहरौला। विकासखंड के गहजी ग्राम सभा के गहजी महिपालपुर स्थित मौनी बाबा की कुटी पर बने सार्वजनिक शौचालय में ताला बंद मिला। कुटी के सेवक जयप्रकाश दास ने बताया कि यहां समूह की महिलाएं आती हैं और सुबह सफाई के बजाए फोटो खिंचवाती हैं और ताला बंद कर एक चाभी हमको देकर चली जाती हैं। शौचालय में सफाई की स्थिति खराब पाई गई। ग्राम प्रधान राकेश सिंह ने कहा कि समूह की महिलाओं को 6000 रुपये महीने ग्राम सभा निधि से दिए जा रहे हैं।
अहरौला। करनपुर ग्राम सभा के नागा बाबा कुटी पर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय में ताला बंद पाया गया। आश्रम के महंत नारायनदास ने बताया कि सार्वजनिक शौचालय बना है। बहुत दिनों से टंकी और सबमर्सिबल नहीं है। कई महीने पहले ग्राम प्रधान ने टंकी और सबमर्सिबल मंगवाया था लेकिन फिर उन्होंने वापस ले लिया। शौचालय में हमेशा ताला बंद रहता है। जबकि यहां तैनात समूह सखी को मानदेय का भुगतान किया जाता है।
अहरौला। आलमपुर ग्राम सभा में सड़क के किनारे बनाए गए सार्वजनिक शौचालय में ताला बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय में हमेशा ताला बंद रहता है। कुछ शौचालयों की सफाई नहीं की जाती। इस कदर दुर्गंध उठती है कि वहां ठहरना मुश्किल हो जाता है।
अहरौला। मतलूबपुर ग्राम सभा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बने सार्वजनिक शौचालय की सफाई नहीं की जाती है। यहां के लोगों ने इसकी शिकायत कई बार विकासखंड और ग्राम के सचिव से की। लेकिन, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे उठने वाली बदबू के कारण अगल बगल के लोगों का रहना दूभर हो गया है।
इसकी जांच कराकर जिसकी भी लापरवाही मिलेगी कार्रवाई की जाएगी शौचालय की साफ सफाई और रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाएगा। लापरवाही किसी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुंवर सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी।