शहर के लोगों को आए दिन फाल्ट होने और जर्जर तारों, पोलों से जल्द ही निजात मिलने वाली है। डिस्काम के निर्देश के बाद सिस्टम स्टैंसनी प्नान के तहत 45 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जल्द ही काम शुरू होगा। ओवरलोडिंग की समस्या से उपभोक्तााओं को निजात दिलाने के लिए नए स्थानों पर विभिन्न क्षमता के कई ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे।
शहर की बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए उर्जा निगम के निर्देश पर विभाग ने 225 करोड़ का पहले प्रस्ताव तैयार था। इसमें एचटी लाइन से लेकर एलटी लाइन की मरम्मत उपकेंद्रों में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि सहित कई कार्य कराए जाने है। बीते जुलाई माह में प्रस्ताव को भेजा गया था, लेकिन ऊपर से पहले फेज में केवल 45 करोड़ रूपए तक ही कार्य कराने की मंजूरी मिल पाई है।
शहर में करीब 42 हजार कामर्शियल और घरेलू उपभोक्ता हैं। वर्षो पूर्व लगे तार व पोल जर्जर हो चुकें है। जिसके कारण आए दिन शहर में फाल्ट और ओवरलोड की समस्या से उपभोक्ता जूझ रहे हैं। विभाग बिजली व्यवस्था में सुधार का खाका भी तैयार कर लिया है। इस बजट के अंतर्गत आने वाले कार्यो को 31 दिसंबर से पहले पूरा कर लेना है। कराए जाने वाले कार्यो की टेंडर प्रक्रिया में विभाग जुटा हुआ है ताकि समय से बिजली व्यवस्था में सुधार का काम पूरा किया जा सके और उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिले।