जिले में शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हो सकी है। आनलाइन आवेदन में कुल 440 शिक्षकों ने आवेदन किया है। जिसमें 309 के स्थानांतरण की स्वीकृति मिल चुकी है। मेरिट में न आने से 131 शिक्षकों का तबादला नहीं हो सकेगा। जिले में कुल 2702 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। जिसमें 1720 प्राथमिक, 528 उच्च प्राथमिक तथा 454 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब 10 हजार शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। करीब छह साल बाद शासन ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण की सौगात शिक्षकों को दी। ऑनलाइन आवेदन के बाद हार्डकापी बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मंगाई गई। जिसमें पाया गया कि कुल 440 लोगों ने आनलाइन स्थानांतरण के लिए अपने गृह या उसके करीब के जिले में जाने के लिए आवेदन किए थे। मेरिट पूर्ण करने वाले 309 शिक्षकों का आवेदन स्थानांतरण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने योग्य पाया। असाध्य या बीमारी के नाम पर स्थानांतरण का लाभ पाने के लिए जिन शिक्षकों ने आवेदन किया है उसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में जिलाधिकारी द्वारा नामित सदस्य, मुख्य विकास अधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी होंगे। यह कमेटी आवेदनों की जांच करेगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। गैर जनपद जाने वाले शिक्षकों को विद्यालय से कार्यमुक्ति का प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद बीआरसी से कार्यमुक्ति का प्रमाण पत्र लेने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद कार्यमुक्ति का प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी। यह सभी प्रक्रिया दो जुलाई तक पूरी करना है। कहीं से भी किसी प्रकार के गड़बड़ी की जानकारी नहीं मिली है। प्रभारी बीएसए मनोज मिश्रा ने बताया कि 440 शिक्षकों ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। जिसमें से 309 लोगों के स्थानांतरण की स्वीकृति मिल चुकी है।