फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन तलाक धार्मिक मामला, हस्तेप बर्दाश्त नहीं : मदनी

विज्ञापन
विज्ञापन
बिंद्राबाजार। राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल की ओर से बुधवार को दीदारगंज विधानसभा के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। तीन तलाक को धार्मिक मामला बताया। इसमें सरकार का हस्तक्षेप नाक़ाबिले बर्दाश्त और संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। मोहम्मदपुर बाजार में हुए सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि आज पूरा देश केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों से पीड़ित है। महंगाई, किसानों विरोधी, नोटबन्दी, जीएसटी व अन्य जनविरोधी नीतियों से समाज का हर वर्ग परेशान है। विकास के नाम पर आई सरकार चौतरफा विनाश में लगी है। भाजपा नेता बौखला कर अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं। ध्यान भटकाने के लिए जाति और धर्म की राजनीति पर उतर आए हैं। तीन तलाक़ पर मोदी सरकार का बिल इसी सांप्रदायिक राजनीति का हिस्सा है। अगर सरकार मुस्लिम महिलाओं की सच्ची हमदर्द है तो इनके लिए पेंशन या मुआवजा देने का एलान करे। महिलाओं को अलग से आरक्षण दे। लाखों मुस्लिम महिलाओं ने सड़कों पर उतर कर इस बिल का विरोध किया, लेकिन तथाकथित मुस्लिम मसीहाई का दंभ भरने वाली सेकुलर पार्टियां अपनी जबान खोलने में अभी भी हिचक रही हैं। प्रदेश में जुर्म और अपराध का बोलबाला है, यहां तक कि पुलिस भी महफूज नहीं है। प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल खमोश हैं। ओलमा कौंसिल के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़क पर जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ें। प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहाकि कि आज देश भर में जाति-धर्म की सियासत की जा रही है। राष्ट्रीय सचिव गुफरान कासमी ने कहा कि की आज जरूरत है इस बात कि हम अपनी एकता को मजबूत करें। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शकील अहमद ने और संचालन अफ़जल चमन ने किया। मो. शहाब अख्तर, तलहा रशादी, शाहजमां खान उर्फ नय्यर, नुरहल हुदा, मोहम्मद आरिफ, नूर आलम, विधानसभा अध्यक्ष कमाल नासिर, अब्दुल्लाह, शमशाद अजय मौर्य, मनीराम, रेहान, शाहबाज आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें