आजमगढ़। आवदेन सही तरीके से नहीं करने से पूर्व दशम और दशमोत्तर में हजारों की छात्रवृत्ति अटक गई है। ऐसे छात्रों के आवेदन सस्पेक्टेड डाटा में आ गए हैं। शासन की ओर से ऐसे छात्रों को करेक्शन कराने के लिए 30 दिसंबर तक का समय दिया गया है। निर्धारित समय में साक्ष्यों सहित आवेदन उपलब्ध नहीं कराने पर ये छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं। शासन की ओर से प्रतिवर्ष सामान्य, अनुसूचित जाति एवं जनजाति और ओबीसी छात्रों को पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। इस बार भी छात्रों की ओर से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किए गए हैं। इसमें आवेदन में गड़बड़ी होने से हजारों छात्रों के आवेदन सस्पेक्टेड डाटा में चले गए हैं। इसके कारण इनकी छात्रवृत्ति फंस गई है। पूर्व दशम में 24338 अनुसूचित, छह अनुसूचित जनजाति, 3631 सामान्य और 9489 ओबीसी के छात्रों ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया है। इसमें लगभग 12 हजार छात्रों के आवेदन सस्पेक्टेड डाटा में है। यही हाल दशमोत्तर छात्रवृत्ति का है। शासन की ओर से ऐसे आवेदन को सही कराने के लिए 30 दिसंबर का समय दिया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि विद्यार्थियों के खाते केवाईसी न होने, खाते का नियमित संचालित न होने, खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर भी खाते सही संचालित नहीं होते हैं। ऐसे खातों को लिंक करने पर डाटा सस्पेक्टेड हो जाता है। जिस बिंदु पर छात्रों का डाटा सस्पेक्टेड है उसके साक्ष्य सहित शिक्षण संस्थान, डीआईओएस कार्यालय से अग्रसारित करा उपलब्ध करा दें। ताकि उसे अपलोड किया जा सके।