आजमगढ़। सर्वोच्च न्यायालय ने पटाखा छोड़ने का समय निर्धारित कर दिया है। रात आठ बजे से दस बजे तक ही पटाखा छोड़ा जा सकता है। इसके बाद भी पटाखा की बिक्री पर इसका कोई असर पड़ता नजर नहीं आया। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार पटाखा की बिक्री ज्यादा ही हुई। शहर में डीएवी पीजी कॉलेज मैदान पर लगे पटाखा की दुकान पर मंगलवार को जहां 15 लाख के पटाखे बेचे गए, वहीं बुधवार को देर शाम तक ही बिक्री 20 लाख पार हो चुकी थी। डीएवी पीजी कालेज में पटाखा की 63 दुकानें लगी हुई है। त्यौहार पर सुरक्षा के मद्देनजर बीते कई वर्षों से पटाखों की बिक्री आबादी से दूर की जा रही है। इसी के तहत इस बार भी शहर से लेकर ग्रामीणांचल में तहसील प्रशासन ने पटाखों की दुकान आबादी के बाहर लगवायी है। शहर क्षेत्र में तीन स्थानों पर पटाखा की दुकानें लगी है। जिसमें मुख्य मार्केट डीएवी पीजी कॉलेज के मैदान पर लगी है। यहां 63 दुकानदारों ने दुकानें लगाई हुई है। इसके अलावा सिधारी रामलीला मैदान पर 20 व रेलवे स्टेशन पर भी 20 दुकानें लगी हैं। बुधवार को पटाखा मार्केट में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। पटाखा छोड़ने का समय निर्धारित होने के बाद भी लोगों ने जम कर पटाखों की खरीद की। दोपहर बाद तो पटाखा की दुकानों पर ऐसा रेला उमड़ पड़ा कि पटाखा लगाने वाले दुकानदार गदगद नजर आने लगे। पटाखा विक्रेता राहुल ने बताया कि इस चाइनीज के बजाए देशी पटाखों की डिमांड ज्यादा देखने को मिली। वहीं पटाखों के दामों पर भी इस बार महंगाई का असर साफ नजर आया। पटाखों के दाम में इस पर दो से पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी। सिर्फ शहर क्षेत्र डीएवी पीजी कॉलेज मैदान लगे पटाखा मार्केट में तीस लाख का पटाखा दो दिनों में बेच दिया गया तो वहीं पूरे जिले में एक करोड़ से अधिक की बिक्री का अनुमान पटाखा कारोबारी लगा रहे है। चाइनीज पटाखे काफी कम मात्रा में दुकानों पर नजर आए।