आजमगढ़। भीषण गर्मी में राहगीरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका के जलकल विभाग ने लाखों की लागत से 10 नये प्याऊ का निर्माण अलग-अलग चौराहे-तिराहे पर करा रहा है। नए बने दस प्याऊ में एक प्याऊ बनने के पंद्रह दिनों में ही ढह गया। मानक की अनदेखी की वजह से यह स्थिति हुई है। इसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। वहीं शेष नौ में मात्र छह ही लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। 14 वें वित्त के तहत जलकल विभाग ने गर्मी के मौसम की शुरूआत के साथ ही राहगीरों के लिए प्याऊ का निर्माण शुरू कराया। 2.45 लाख प्रति प्याऊ की लागत से शहर के ब्रह्मस्थान, पहाड़पुर, जलकल परिसर, बवाली मोड़, गणेश मंदिर, रैदोपुर, हाईडिल चौराहा, नरौली, रेलवे स्टेशन और शारदा तिराहे पर प्याऊ की स्थापना का कार्य शुरू कराया गया। वर्तमान में सभी प्याऊ बन गए हैं, लेकिन मात्र छह ही प्याऊ ऐसे हैं जो लोगों का गल तर कर रहे हैं। अन्य में शारदा तिराहे पर बना प्याऊ जहां बनने के बाद ही ढह गया तो वहीं अन्य तीन अभी टेस्टिंग में हैं। शारदा तिराहे पर बने प्याऊ के ढह जाने से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि मानक की अनदेखी कर कराये गये प्याऊ के निर्माणकार्य के चलते यह स्थिति हुई है। निर्माण के मात्र 15 दिनों में ही प्याऊ ढह गया और नपा प्रशासन मलबे को मौके से साफ करा कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली। प्याऊ पर लगायी गई पानी की टंकी शारदा तिराहा-डीएवी कॉलेज बाईपास बंधे पर लावारिस हाल में फेंकी पड़ी है। संजय वर्मा, जेई, जलकल, आजमगढ़ ने बताया कि शारदा तिराहे पर बनाया गया प्याऊ गिरा नहीं बल्कि उसे गिरवा दिया गया है। कुछ कमी के चलते उसे गिरवा कर ठेकेदार को पुन: निर्माण का निर्देश दिया गया है। जल्द ही नये प्याऊ की स्थापना करा कर जन सामान्य को उसकी सुविधा उपलब्ध करा दी जायेगी, जो प्याऊ अभी टेस्टिंग में है, उसे भी दो-चार दिनों में चालू करा दिया जायेगा।