आजमगढ़। युग पुरूष स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मानव सेवा संस्थान की ओर से बेलईसा स्थित कार्यालय पर राजेन्द्र सिंह के संयोजन और अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की गई। लोक मनीषा परिषद के अध्यक्ष पंडित जन्मेजय पाठक ने कहा कि देश के राष्ट्रीय जीवन के सम्यक उत्थान हेतु साधु-संतों और सन्यासियों का अद्वितीय स्थान रहा हैै। इनमें स्वामी विवेकानन्द का मुख्य स्थान है। डा. मनोज श्रीवास्तव ने कहाकि स्वामी विवेकानन्द ने देश की दासता में जीवनयापन करने वालों की कमी को पहचाना और उन्हे शिक्षा, सेवा तथा तत्परता से कार्य करने का संदेश दिया। अध्यक्षता कर रहे राजेन्द्र सिंह ने आगन्तुकों का आभार जताया। संचालन कृपानाथ पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर अमरेश सिंह, सुधीर यादव, कमला सोनकर, विमलेश शुक्ला, डा मंशा दूबे, शंकर प्रसाद, सकल दीप सिंह, शिवशरण सिंह, राधेश्याम मौर्य, संत सेवक प्रधान, मनोहर आदि मौजूद रहे।