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Azamgarh News: दो दिन में 32 मिमी बारिश, तापमान में आई गिरावट

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दो दिन की बारिश से मौसम पूरी तरह से सुहाना हो गया है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे पर एक बार फिर खुशी देखने को मिली। हालांकि हवा के कारण कुछ जगहों पर धान की फसल गिर गई, लेकिन किसानों का कहना है कि बारिश से धान सहित खरीफ की अन्य फसलों को भी फायदा पहुंचा है।
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मंगलवार को दिन का तापमान लुढ़ककर कर 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से भी राहत मिली। जर्जर रास्तों पर कीचड़ फैल गया है। 28 व 29 सितंबर तक तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। सोमवार को दिन का तापमान जहां 29 डिग्री सेल्सियस रहा वहीं, मंगलवार को दिन का तापमान एक सेल्सियस घटकर 28 पर आ गया। मंगलवार को दिन में करीब नौ बजे तक बारिश होती रही।
इससे किसानों के चेहरे पर मुस्कान देखने का मिली। कुछ जगहों पर धान की फसल तो हवा के कारण गिर गई, लेकिन इससे ज्यादा नुकसान होना नहीं बताया जा रहा है। दो दिन में लगभग 32 मिमी बारिश हुई। किसानों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान सहित खरीफ की अन्य फसल गन्ना उड़द तिल्ली आदि के लिए फायदेमंद है।
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सगड़ी: दो दिन हुई बारिश से क्षेत्र में कई जगहों पर धान की फसल गिर गई। गडेरुआ, बोझिया, महुलिया, मालटारी, रामगढ़, अंजानशहीद, जमीन मुहम्मदपुर, मनिकाडीह आदि क्षेत्रों में गरज चमक व तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते सैकड़ों बीघा धान की फसल गिरकर बर्बाद हो गई। किसान रामदरश, सुरेंद्र, संजय सिंह, रमेश यादव ने बताया कि तेज हवा के चलते फसल गिर गई है।
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धान की फसल में कहीं बालिया निकल चुकी है तो कहीं निकल रही हैं। इसके लिए 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे का तापमान अच्छा होता है। इससे ऊपर का तापमान धान की फसल को प्रभावित करने लगता है। यह बारिश धान सहित खरीफ की अन्य फसलों के लिए भी फायदेमंद है।
- डॉ. रूद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक केवीके कोटवा।
दीदारगंज रोड रेलवे स्टेशन पर जाने वाली सड़क अत्यंत ही जर्जर हो गई है। बारिश होते ही जगह-जगह जलभराव हो जाता है। विभागीय उदासिनता के कारण 500 मीटर सड़क पूरा गड्ढे में तब्दील हो गई है। बारिश में पूरा रोड कीचड़ से सन गया है। पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार यादव, डॉ. सुभाष यादव, हनुमान यादव, योगेश पांडेय, रामलाल जायसवाल, सत्यम पांडेय आदि ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सड़क मरम्मत की मांग किया।

रात के समय दो दिन हुई बारिश का असर विद्युत आपूर्ति पर भी पड़ा। कहीं पोल गिर गए तो कहीं तकनीकी खराबी केे कारण आठ घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। जिसके चलते लोगों को सबसे ज्यादा समस्या सुबह पीने के पानी के लिए हुई।
मोहब्बतपुर सब स्टेशन से शाहगढ़, दौलतपुर, मोहब्बतपुर, जमुड़ी, पैकौली, महलिया सरदापुर, नीवी आदि गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। सोमवार की आधी रात बारिश शुरू होते ही बिजली चली गई। सुबह भी बिजली नहीं आई। जिसके कारण लोगों को नहाने व पीने के पानी के लिए समस्या हुई। मंगलवार को दिन में 11 बजे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने राहत की सांस लिया।
सरायमीर: विद्युत उपकेंद्र नंदाव से की जाने वाली विद्युत आपूर्ति रेवला गांव तक जाती है। उवारसेपुर- रेवला गांव के बीच बारिश में तीन एचटी के पोल तार सहित गिर गए। जिससे गांव में विद्युत सप्लाई बाधित हो गई। शिकायत पर विभाग के कर्मचारी पहुंचे जरूर लेकिन उसे देखकर चले गए। जेई अरुण कुमार ने बताया की जो उपभोक्ता परेशान हैं। उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली दी जा रही है जल्द ही पोल को सही करा दिया जाएगा।
सगड़ी: क्षेत्र के घाघरा गांव में सोमवार की सुबह से विद्युत आपूर्ति ठप चल रही है। जिसके चलते सैकड़ों घरों में अंधेरा है। वहीं छोटे-मोटे उद्योग धंधे भी ठप हो गए हैं। जिसके चलते लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जब क्षेत्र के जेई और एसडीओ के मोबाइल पर संपंर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। शाम पांच बजे तक बिजली बहाल नहीं हो सकी थी।
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