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नाटक आखिरी रंग ने जीवन के हर रूप के कराए दर्शन

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आजमगढ़। रंगमंच व ललित कलाओं के लिए समर्पित हुनर संस्थान द्वारा आयोजित हुनर रंग महोत्सव की शुक्रवार की तीसरी शाम भवानी प्रसाद और राजेश्वरी अग्रवाल के नाम रही। जिसका उद्घाटन एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। महोत्सव में कविता थिएटर गुजरात , धनलक्ष्मी ग्रुप असम, नादब्रह्म नागपुर, पॉयनियर फिल्म एंड ड्रामा एक्टिंग गुजरात, रॉक स्टार डांस अकादमी, उत्कल संगीत समाज कटक के कलाकारों के एकल नृत्य की प्रस्तुतियों ने सभी का मनमोह लिया। शाम होते ही शुरू हुआ समूह नृत्यों और नाटकों का दौर देर रात तक चलता रहा। खोरदा के कलाकारों के मैजिक शो ने सभी का भरपूर मनोरंजन किया। आज हुए नाटकों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। प्रथम प्रस्तुति नर्तन कल्चरल रेपेटेरी नलबाड़ी असम की ओर से चंदन बरुआ के निर्देशन में ‘जाल’ नाटक के भावपूर्ण मंचन ने सभी का भरपूर मनोरंजन किया। दूसरी प्रस्तुति ‘आंदोलन’ खोरदा ओडिशा द्वारा संतोष कुमार मोहंती द्वारा निर्देशित और डा. धनेश्वर साहू लिखित नाटक ‘अस्त सूर्य और शमसान’ का मंचन हुआ। तीसरी प्रस्तुति पॉयनियर फिल्म एंड ड्रामा एक्टिंग इंस्टीट्यूट जूनागढ़ गुजरात द्वारा योगेश मेहता के लेखन और निर्देशन में नाटक ‘आखिरी रंग’ की प्रस्तुति रही। इंसानी जिंदगी के तीन पहलू बचपन, जवानी और बुढ़ापा हर एक की अपनी अहमियत है। बचपन जिसे कोई समझा नहीं, जवानी जिसे किसी ने समझने की जरूरत नहीं समझा और बुढ़ापा मेले में अकेला। रंगमंच के सच्चे कलाकार की जिंदगी के माध्यम से इंसान की जिंदगी के इन तीन पहलू को एक अलग नजरिए से नाटक आखरी रंग ने उजागर किया। अतिथियों का स्वागत अभिषेक जायसवाल दीनू ने किया। इस मौके पर मनीष रत्न अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, सपना बेनर्जी, सहजानंद राय, संस्थान अध्यक्ष मनोज यादव, हेमंत श्रीवास्तव उपस्थित थे। समारोह को सफल बनाने में विवेक गुप्ता, गौरव मौर्य, शशि सोनकर, काजल सिंह, जान्हवी श्रीवास्त व, कशिश गुप्ता, नेहा वर्मा, अनु वर्मा, करिश्मा सिंह, प्रियंका प्रजापति, कमलेश सोनकर आदि उपस्थित थे।
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