फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीडीओ से अभद्रता में गिरी परियोजना निदेशक पर गाज

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। सीडीओ के कार्यालय में घुसकर उनके साथ अभद्रता करने, सभी बीडीओ को उनके खिलाफ भड़काने और कर्मचारियों को भड़का कर सीडीओ के खिलाफ में नारेबाजी और प्रदर्शन कराने के मामले में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास डीडी शुक्ल पर गाज गिर ही गई है। शासन ने एक बार फिर उन्हें राज्य मुख्यालय से अटैच कर दिया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई संथित कर दी है। संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) ग्राम्य विकास को जांच अधिकारी बनाया गया है। उनके ऊपर कार्रवाई होनी तय हो गई है। परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास डीडी शुक्ल का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले भी उनके ऊपर प्रधानमंत्री आवास के नाम वसूली के आरोप लग चुके हैं। उनके खिलाफ पूर्व सीडीओ अभिषेक सिंह की ओर से रिपोर्ट भी शासन को प्रेषित की गई थी। इस पर उनको राज्य मुख्यलय से अटैच कर दिया था। लेकिन परियोजना निदेशक ने इस आदेश को स्थगित करा लिया था। 19 नवंबर को पीडी डीडी शुक्ला ने तत्कालीन सीडीओ कमलेश कुमार सिंह के कार्यालय में घुसकर उनके साथ अभद्रता की थी। फाइल पास नहीं करने सीडीओ पर कुर्सी तानने और गाली-गलौज करने के भी आरोप लगे थे। बाद में परियोजना निदेशक ने सीडीओ पर ही अभद्रता का आरोप लगाकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही सीडीओ के खिलाफ धरने पर बैठ गए थे। विकास भवन में तालाबंदी कर दी थी। दो दिन तक चले इस घटनाक्रम में जिलाधिकारी की पहल पर मामला शांत हुआ था। शासन ने मामले की रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट के आधार पर मामले में पीडी ग्राम्य विकास डीडी शुक्ल को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। 20 दिसंबर को परियोजना निदेशक डीडी शुक्ल को शासन ने फिर से राज्य मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। 21 दिसंबर को प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई संथित कर दी है। संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) ग्राम्य विकास राजेश कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया है। जिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर उनके खिलाफ खिलाफ आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि परियोजना निदेश के खिलाफ में शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई थी। अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी वो दिल्ली में निर्वाचन संबंधी ट्रेनिंग के लिए गए हैं। आते ही उन्हें रिलीव कर लिया जोएगा। साथ ही निर्धारित समयावधि में उन्हें आरोप-पत्र भी जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें