आजमगढ़। राज्यव्यापी आंदोलन के आह्वान पर उत्तर प्रदेश किसान सभा की जिला इकाई ने रिक्शा स्टैंड पर नौ सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। अध्यक्षता कमला राय और संचालन मंगलदेव यादव ने किया। धरने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष कमला राय के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। उप्र किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहाकि केन्द्र और राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों के चलते सबसे ज्यादा मार किसानों को पड़ रही। किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है। आए दिन पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ाया जा रहा है। किसानों के नाम पर सत्ता में आई भाजपा ने आज तक किसानों के लिए पेंशन की व्यवस्था नहीं किया। कांट्रैक्ट खेती के माध्यम से किसानों की जमीन छीनकर देशी-विदेशी कंपनियों को देनी की साजिश कर रही है। इन नीतियां के खिलाफ किसानों को आगे आना पड़ेगा।भाकपा जिलामंत्री श्रीकांत सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों, मजदूरों, गरीबों व महिलाओं पर बड़े पैमाने पर अत्याचार हो रहा है। गुलाब चन्द मौर्य ने कहाकि गेहूं क्रय केन्द्र पर किसानों से गेहूं न लेकर बिचौलियों के माध्यम से लिया जा रहा है। दुर्बली राम ने किसान सभा के धरने को समर्थन दिया। फोरलेन और सिक्स लेन के निर्माण में मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। राज्यपाल को सम्बोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र में किसानों को 10 हजार मासिक पेंशन देने, स्वामीनाथन रिपोर्ट तत्काल लागू करने, किसानों, गरीबों के सभी कर्ज माफ करने, क्रय केन्द्रों पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, बढ़ी बिजली बिल तत्काल वापस लेने, बाढ़-सूखा का स्थायी निराकरण करने, लाभकारी मूल्य तत्काल देने, आवारा और जंगली जानवरों से फसल को बचाने के उपाय करने, बढ़ते पेट्रोलियम मूल्यों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। रामचन्दर यादव, रामचन्दर पटेल, रामनेत यादव, राजित यादव, अशोक कुमार राय, महेन्द्र प्रसाद, सुरेश गुप्ता, जोगिन्दर सिंह, हरिलाल यादव सहित आदि कामरेड नेता मौजूद रहे।