यतीमखाना मदरसा इस्लामियां अशरफिया और अल्जामियतुज जोहरा का 26 वां वार्षिक दो दिवसीय दीनी जलसे का आयोजन रविवार को किया गया। पहले दिन शनिवार को देर रात क़ारी नूरुल होदा की तिलावत से शुभारंभ हुआ। मौलाना शहरोज आलम संभली ने सीरते रसूल पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। कहा कि नमाज ही ऐसी चीज है जो हमें समाज में फैली बुराइयों से बचाती है। मौलाना मुफ़्ती कमाल अख्तर ने माता-पिता के हक़ और फ़ैजाने औलिया और माह रजब के मेराजे मुक़द्दस के फ़जायल बयां करते हुए ईमान को ताजा किया। रविवार को जलसा निस्वां का आयोजन किया गया। महिला आलिम ने महिलाओं की इस्लामी शिक्षा की महत्ता पर रोशनी डाली। तीन तलाक़ मामले पर एक प्रस्ताव के माध्यम से सरकार से मांग की कि सरकार इस्लामिक शरीयत में हस्तक्षेप बंद करे। अध्यक्षता संस्था के प्रबंधक हजरत मौलाना असरारुल हसन अशरफी और संचालन हाफ़िज मुहम्मद शाहिद ने किया। शरीफ अहमद, मोहम्मद खलील, नूरआलम, मो. अकरम, सेराज अहमद, तनवीर अहमद, मो. हाशिम, आफताब आलम, हुसैन अहमद, सिराज अहमद, सेराजुल होदा, जावेद कमर, निसार अहमद, आदिल रशीद, गुलाम मुस्तफा हाश्मी, मुख्तार अलीग, हाजी इफ़्तेख़ार, महमूद अहमद नोमानी मौजूद रहे।