आजमगढ़। एमपी, एमएलए स्पेशल कोर्ट ओम प्रकाश वर्मा की अदालत में बांदा जेल में निरुद्ध मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र को सोमवार को खारिज कर दिया। गैंगेस्टर मामले में सोमवार को न्यायालय में सुनवाई थी। अब अदालत ने आरोप तय करने के लिए 28 जुलाई की तिथि निर्धारित किया है। तरवां थाना क्षेत्र के ऐराकला गांव में 16 फरवरी 2014 को ठेकेदारी के विवाद में ठेकेदार पर मुख्तार के लोगों ने हमला किया था। जिसमें दो मजदूर घायल हो गए थे। जिसमें एक की इलाज के दौरान मौत भी हो गई। इस मामले में तरवां थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे के छह साल बाद 2020 में मुख्तार व सहयोगियों पर गैंगेस्टर के तहत मुकदमा तरवां थाना में दर्ज किया गया। बीते 13 जुलाई को मुख्तार अंसारी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें वीसी के माध्यम से अदालत की कार्रवाई पूरी किए जाने की मांग की गई थी। जिस पर अभियोजन पक्ष की तरफ से विशेष लोक अभियोजक लाल बहादुर सिंह ने आपत्ति की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सोमवार को अपने जारी आदेश में कहा कि मुख्तार अंसारी का प्रार्थना पत्र मंजूर होने योग्य नहीं है। इसलिए इसे खारिज किया जाता है। सभी आरोपी 28 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित हो। माफिया मुख्तार जहां बांदा जेल में बंद है तो इस मुकदमें में शामिल अन्य आरोपी अलग-अलग जेलों में है। 28 जुलाई को आरोप तय किया जाना है, जिसमें सभी आरापितों को न्यायालय में तलब किया गया है।