अमिलो। सठियांव ब्लॉक के विभिन्न गांवों में एमएसडीपी योजना के तहत बन रहे 29 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण सात साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। जबकि कार्यदायी संस्था को आंगनबाड़ी भवनों के लिए स्वीकृत धनराशि भी शासन ने उपलब्ध करा दिया है। भवनों का निर्माण पूरा न होने से बच्व्चे खुले आसमान के नीचे बैठने का मजबूर हैं।
ब्लॉक के अल्पसंख्यक बाहुल्य गांवों में सात वर्ष पूर्व एमएसडीपी योजना के तहत 29 आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की स्वीकृति थी। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में 7.52 लाख रुपये खर्च होने थे। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को दी गई। शुरुआती दौर से ही आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण धीमी गति से चलता रहा। उधर देखा जाय तो शासन की तरफ से दिसंबर 2017 से लेकर नवंबर 2023 के बीच शासन ने पांच किस्तों में 218.8 लाख की धनराशि उपलब्ध करा दिया, लेकिन अभी तक किसी गांव में छत नहीं लदा तो किसी गांव में प्लास्टर का काम अधूरा रहा गया है। जिसके कारण आंगनबाड़ी केंद्र संबंधित विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ।
कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा न होने से नौनिहाल खुले आसमान के नीचे बैठने का मजबूर हैं। शासन से अवमुक्त बजट खत्म होने से भवनों का काम रुक गया है। अब महंगाई का हवाला देकर कार्यदायी संस्था द्वारा शासन से आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की गई है लेकिन शासन अतिरिक्त बजट नहीं मिला है। इस संबंध में सठियांव ब्लॉक की प्रभारी सीडीपीओ सीमा राय ने बताया कि देवरिया खालसा गांव के आंगनबाड़ी भवन का निर्माण पूरा हुआ है। अन्य जगहों का बाकी है।
ब्लॉक क्षेत्र में कितने आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा हुआ है कितने का नहीं, इसकी जानकारी हमें नहीं है। फाइल देखकर ही बता पाएंगे। निर्माण पूरा करने के लिए शासन से प्रति आंगनबाड़ी केंद्र के लिए दो लाख रुपये अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। बजट मिलने के बाद भवनों का निर्माण पूरा करा दिया जाएगा।
- एलबी सिंह, अधिशासी अभियंता, पैक्सफेड।