फूलपुर। प्रख्यात प्रगतिशील शायर कैफी आजमी के पैतृक गांव मेजवां में स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाएं आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो प्रकार के झाड़ू बना रही हैं। समूह में लगभग 13 महिलाएं शामिल हैं। कैफी आजमी कृषक क्लब के अध्यक्ष घनश्याम प्रजापति ने बताया कि एनआरएलएम के डीसी बीके मोहन के आह्वान पर समूह बनाकर बक्शपुर गांव की राजकला देवी समेत दर्जनों महिलाएं झाडू बना रही हैं। समूह की अध्यक्ष राजकला ने बताया कि घनश्याम प्रजापति प्रेरणाश्रोत हैं। घनश्याम प्रजापति ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने में झाड़ू एक ऐसा हथियार है, जो इस मिशन को गति प्रदान करेगा। समूह में कुल 13 महिलाएं शामिल हैं। महिलाएं दो प्रकार के झाड़ू बना रही हैं। इसमें फूल झाड़ू की कीमत 65 रुपये और सीक वाली झाड़ू की कीमत 30 रुपये हैं। फिलहाल झाड़ू की बिक्री गांवों और बाजरों में की जा रही है। इससे पहले ठेकमा ब्लाक में भी दो समूहों की ओर झाड़ू बनाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। एनआरएलएम के डीसी बीके मोहन ने बताया कि राष्ट्रीय आजीविका मिशिन ग्रामीण के तहत चल रही योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।