आजमगढ़। मुकद्दस रमजान के चौथे जुमे को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदें नमाजियों की भीड़ से भरी रही। शहर की जामा मस्जिद के दोनों तल नमाजियों से भरे हुए थे। सभी मस्जिदों के इमान ने रमजान की फजीलत, जकात, शबे कद्र के बारे में विस्तार से रोजेदारों को जानकारी दी। शहर के जामा मस्जिद में रमजान के चौथे जुमे को नमाजियों की काफी भीड़ रही। नमाज से पहले शहर इमाम मौलाना इंतेखाब आलम कासमी ने खिताब करते हुए कहा कि 21, 23,25,27,29 इन पांच रातों में एक ऐसी भी रात होती है जिसे शबेकद्र की रात कहते है। इन तारीख में पूरी रात जगकर अगर इबादत की जाय तो हजार गुना सवाब अल्लाह देता है। इसके अलावा उन्होंने जकात किए जाने के बारे में भी कहा। इसी तरह से शहर की दलालघाट की मस्जिद, बागमीरपेटू की मस्जिद, टेढिय़ा मस्जिद, जमियतुर्रशाद की मस्जिद, बदरका की मस्जिद, कटरा की मस्जिद नमाजियों से भरी रही। इस दौरान हर मस्जिदों पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। मेजवा संवाददाता केे अनुसार फूलपुर और ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदें नमाजिय़ों से भरी रही। अंदर अधिक भीड़ होने के चलते बाहर सफबन्दी की गई। उलेमा ने तकरीर के फौरन बाद रमजान की फ़ जीलत और जकात की अहमियत बयान किया। चमावां गांव स्थित मस्जिद में बाद नमाज यौमे कुद्स पर जुल्म और ज्यादती के खिलाफ सैय्यद आयतुल्लाह का पोस्टर लेकर नमाजिय़ों ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौलाना इमरान आजमी ने कहा कि ईद की नमाज से पहले फितरा जरूर निकालें। फिलिस्तीन के शियाओं पर जुल्म और ज्यादती की गई। इस दौरान मुल्क में अमन चैन की दुआ ख्वानी की गई। सगड़ी संवाददाता के अनुसार तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को रमजान के चौथे जुमे की नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में भीड़ लगी रही। जीयनपुर, बागखालिस, सगड़ी, बिलरियागंज, विन्दवल, बनकट, देवापार, पारीपट्टी, खालिसपुर, नत्थूपुर, नूरुद्दीनपुर, अंजानशहीद, छीहीं, छिछोरी, चांदपट्टी, करमैनी, बाजार गोसाई, चांदपार, अहिरौली सहित पूरे क्षेत्र में अकीदत के साथ जुमा की नमाज अदा की गई। अजमतगढ़ स्थित सुन्नी जामा मस्जिद में भीड़ अधिक होने के कारण लोग बाहर भी बैठकर नमाज अदा किए। सरायमीर संवाददाता के अनुसार रमजान मुबारक के आखिरी अशरे में पडने वाले चौथे जुमे की नमाज अदा करने के लिए हर मस्जिदों मेें नमाजियों ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। बुधवार को अस्र की नमाज के बाद एतकाभफ ञके लिए इबादत गुजार मस्जिदों में दाखिल हो गए हैं। मस्जिदों में खासतौर पर मस्जिद नजीर बैतुल ओलूम एफ़ारूकिया जामा मस्जिद, मीनारा मस्जिद, जामा मस्जिद जदीद सहित कस्बा व इलाके की मस्जिदों में लोग एतकाफ के लिए बैठे हैं।