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Azamgarh News: हड़ताल से 2113 मामलों की नहीं हो सकी सुनवाई

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बार कौंसिल के आह्वान पर जिले के अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण दीवानी के विभिन्न न्यायालयों में ढेर सारे मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। इस प्रकार दीवानी न्यायालय में लगभग 2113 मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। बुधवार को एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में फतेहगढ़ जेल में निरूद्ध पूर्व सांसद रमाकांत यादव जैसे महत्वपूर्ण मामलों में सुनवाई नहीं हो सकी।
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न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण वादकारियों को अपने मुकदमे में तारीख लेकर घर वापस लौटना पड़ा। बता दें कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 70, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 125, तीन फैमिली कोर्टों में लगभग 500, कोर्ट नंबर 32 की अदालत में 57, न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 20 की अदालत में 212, मुंसिफ हवेली की अदालत में 68, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में 80, न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 24 की अदालत में 46, न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 19 में 85, मुंसिफ शहर की अदालत में 36, वरिष्ठ सिविल जज की अदालत में 72 समेत विभिन्न अदालतों में कुल 2113 मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। बुधवार को बाहुबली विधायक रमाकांत यादव की भी एमपी एमएलए कोर्ट में पेशी होनी थी लेकिन हड़ताल के चलते प्रभावित हुई। बार कौंसिल के आह्वान पर जिले के अधिवक्ता बुधवार को तीसरे दिन भी आंदोलित रहे।
हापुड़ जिले में अधिवक्ताओं के ऊपर पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज की घटना के विरोध में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता बुधवार को तीसरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं ने संघ के सभागार में बैठक किया। जिसमें अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को पुन: दोहराया। पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इसके बाद अधिवक्ताओं का हुजूम बाहर निकला। न्यायालय परिसर में पुलिस व सरकार विरोधी नारे लगाते हुए विरोध दर्ज कराया। अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह व संचालन मंत्री जयप्रकाश यादव ने किया। संवाद
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