आजमगढ़। ग्रामीणों की किसी भी स्तर की पेंशन, जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य कुछ प्रमाणपत्र के आवेदन के लिए जिला, तहसील या ब्लॉक मुख्यालय तक की भागदौड़ बचाने के लिए ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय बनाए जा रहे हैं। मिनी सचिवालय में 28 विभागों की कुल 207 योजनाओं का लाभ मिलेगा। उक्त सारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे से मिलेगा। लाभ पाने के लिए उन्हें अब तहसील पर भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही उन्हें कम पैसे भी देने पड़ेंगे। सरकार की मंशा है कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय भवन का निर्माण कराकर ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे खसरा, खतौनी, राशन कार्ड में संसोधन आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। ग्राम सचिवालयों में ग्राम प्रधानों, सेक्रेट्री, ग्राम पंचायत अधिकारी समेत अन्य ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को बैठ कर जनता की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ग्रामीणों को कर्मियों और ग्राम प्रधान से मिलने के लिए उनके घरों का चक्कर न लगाना पड़ें। पंचायत भवनों में अलमारियों में सरकारी कागजातों को सुरक्षित रखने को भी कहा गया है। ग्राम सचिवालय के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं।
विभागों का केंद्र बिंदु होगा पंचायत कार्यालय
आजमगढ़। ग्राम पंचायतों के कार्यालय अब सभी विभागों के केंद्र बिंदु होंगे। विभागीय योजनाओं के लिए आवेदन करने और लाभ प्राप्त करने वालों का विवरण पंचायतों में होगा। कितने लोगों को पेंशन मिल रही है और कितने लोग अभी प्रतीक्षा सूची में हैं, इसकी भी जानकारी अब मिनी सचिवालय से मिलेगी। मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय का निर्माण कराया जा रहा है। बहुतायत में कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अब बाकी के मिनी सचिवालय में निर्माण चल रहा है। उक्त सचिवालय में ग्रामीणों को 28 विभागों की कुल 207 योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलेगा।