मार्टीनगंज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार को मार्टीनगंज स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस टीम ने फार्मासिस्ट की प्रशंसा की और बीपीएम के साथ डीईओ को फटकार लगाई। इस पर नाराज दोनों ने शुक्रवार को फार्मासिस्ट के साथ मारपीट की। इससे नाराज फार्मासिस्ट हड़ताल पर चले गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार को टीम ने निरीक्षण किया। इसमें फार्मेसी को छोड़ अन्य सभी डिपार्टमेंट में काफी कमियां मिलीं। फार्मासिस्ट सत्येंद्र शुक्ला की ओर से कुछ दस्तावेज जांच टीम को दिखाने से नाराज बीपीएम और डीईओ सत्येंद्र कुमार को धमकी दे रहे थे। शुक्रवार को उन्हें अपने कार्यालय में बुलाकर उनसे हाथापाई की। वार्ड ब्वॉय और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बचाव के बाद किसी तरह सत्येंद्र कुमार निकाले गए। उन लोगों ने सत्येंद्र कुमार का गेट तक पीछा करते हुए जान से मार देने और एससी एसटी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद फार्मेसी स्टोर में कार्यरत फार्मासिस्टों ने तत्काल ओपीडी का बहिष्कार कर दिया। इसकी सूचना प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और जिले के अन्य अधिकारियों को दी गई। सत्येंद्र कुमार के समर्थन में मार्टीनगंज के लोग और भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष समेत अनेक कार्यकर्ता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी से वार्ता के बाद ओपीडी पुन: चालू हुई। डिप्लोमा फार्मेसी संघ ने घटना की निंदा करते हुए लिखित शिकायत प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मार्टीनगंज डा. गौरव मिश्र को दी। संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि कल से ब्लॉक के सभी फार्मासिस्ट काली पट्टी बांधकर दो दिन तक कार्य करेंगे। यदि दो दिन में संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है तो ब्लॉक और जिले के समस्त फार्मासिस्ट कार्य बहिष्कार करेंगे। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. गौरव मिश्र ने कहा कि प्रकरण की निष्पक्षतापूर्वक जांचकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।