फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समाजवादियों का था 1942 का आंदोलन: हवलदार

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। नौ अगस्त 1942 की क्रांति के अवसर पर समाजवादी पार्टी कार्यालय पर गोष्ठी आयोजित की गई। इसके बाद तिरंगा यात्रा निकाला गया। जो गांधी प्रतिमा पर पहुंच कर माल्यार्पण भी किया। गोष्ठी में ऐतिहासिक आंदोलन पर चर्चा की गई और आंदोलन को समाजवादियों का आंदोलन बताया गया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि नौ अगस्त को महात्मा गांधी ने जो करो या मरो का नारा दिया था, उससे पूरे देश में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जनता सड़क पर आ गई थी। इस आंदोलन में समाजवादियों को गिरफ्तार किया गया था। 1942 का आंदोलन समाजवादियों का आंदोलन था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी देश की एकता अखंडता के लिए हमेशा प्रयास करती है। भाजपा के लोग नफरत फैलाने का काम कर रहे है। महात्मा गांधी, मौलाना अबुल कलाम आजाद, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे प्रथम पंक्ति के तमाम नेताओं की गिरफ्तारी के बाद आंदोलन का नेतृत्व समाजवादी विचारधारा के डॉक्टर लोहिया, जयप्रकाश नारायण, अरूणा आसिफ अली आदि ने किया। मुखबिरी के कारण इन लोगों की गिरफ्तारियां हो गई। अंग्रेजों ने यातनाएं देकर माफी मांगने की बात किया तो उन लोगों ने माफी मांगने से इंकार कर दिया। वहीं दूसरी तरफ आरएसएस समर्थित अन्य पार्टियों के नेता माफी मांग कर रिहा हो गए। गोष्ठी के पश्चात पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता तिरंगा जुलूस निकाल कर भ्रमण किए और गांधी प्रतिमा पहुंच कर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर विधायक दुर्गा प्रसाद, निजामाबाद विधायक आलमबदी आजमी, अखिलेश यादव, डॉ. एचएन पटेल, पूर्व एमएलसी राकेश यादव पूर्व सांसद नंद किशोर यादव, पूर्व मंत्री रामदुलार राजभर, शिवमूरत यादव, अनुराग यादव, सुशील आनंद, अजीत कुमार राव समेत काफी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें