मौत बरहक़ है। लोगों को मौत का मजा एक दिन चखना ही है। ये बातें मौलाना गजनफर अब्बास दिल्ली ने रविवार को क्षेत्र के कोरौवली गांव में मजलिस के दौरान कही। कहा कि लोगों को रसूल के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। मौलाना ने हजरत इब्राहिम और इस्माइल की अजीम कुरबानी का वाकया भी पेश किया। करबला के मैदान में अली अकबर की कुरबानी सुन अजादार रो पड़े। मजलिस का सिलसिला लगभग तीन घंटा तक चला। मौलाना मीसम रजा ने भी मजलिस को खिताब किया। कहा कि लोगों को अच्छाइयों का रास्ता अख्तियार करना चाहिए। शायरे अहलेबैत ने पेशख़्वानी की। संचालन नासिर आजमी ने किया। मजलिस को सुनने के लिये आस-पास के गांव के काफी संख्या में अजादार आए हुए थे।