अहरौला। सड़क निर्माण न होने और दुर्घटना में आए दिन लोगों के घायल होने से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर विरोझ जताया। कहा कि डेढ़ साल से बोल्डर डालकर छोड़ दिया गया है। सीएम को संबोधित पत्र भेजकर सड़क निर्माण की मांग की गई।क्षेत्र के युधिष्ठि पट्टी से धार्मिक स्थल कल्होरा तक चार किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य डेढ़ साल पहले शुरू किया गया था। निर्माण के दौरान किसानों की फसल भी नुकसान हुई थी। उस समय से सड़क पर बोल्डर डालकर छोड़ा गया, लेकिन आज तक निर्माण नीं कराया गया। शुक्रवार को समाजसेवी लक्ष्मी चौबे के नेतृत्व में दर्जनों गांव विसईपुर, सराय अली, छितौना, शंभूपुर, युधिष्ठिरपट्टी, वासथान, चौबौलिया के ग्रामीणों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि डेढ़ साल पहले गेहूं की फसल काटने के बाद सड़क बनाने की शउरुआत की गई थी। किसानों का भारी नुकसान हुआ था। ठेकेदार ने सड़क का भुगतान भी प्राप्त कर लिया, लेकिन सड़क निर्माण नहीं हुआ। बोल्डर पर गिरकर अब तक दर्जनों लोग घायल हो चुके है। रास्ते से अहरौला से कल्होरा होते हुए लोग फुलपुर तक जाते हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए कल्होरा में तमसा नदी पर करोड़ों की लागत से पुल का निर्माण 2015 में कराया गया था। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। अजय सिंह, सूर्यकुमार यादव, अजय सिंह, शिवप्रसाद, राजमणि, जगदीश, दीनानाथ, प्रेमचंद यादव, पप्पू यादव, आशुतोष, बृजेश यादव, राहुल यादव, अतुल तिवारी आदि रहे।