आजमगढ़। सेश सूची से छूटे लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण प्रदान करने के लिए आवास एप की शुरुआत की गई थी। इस पर छूटे लाभार्थियों का सर्वे कर फीडिंग करनी थी। दिसंबर माह तक लगभग 75000 लाभार्थियों की फीडिंग होने के बाद इस वेबसाइट को बंद कर दिया गया था। फरवरी माह में इसे 10 दिनों के लिए फिर खोला गया था। इसमें लगभग 50 हजार लाभार्थियों की फीडिंग और कर ली गई है। इस तरह अब कुल सवा लाख लाभार्थी हैं लेकिन अब इन्हें आशियाने के लिए अगली सरकार के गठन का इंतजार करना पड़ेगा। लोकसभा चुनाव का एलान हो चुका है। इसी के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। साल 2011 में हुई जनगणना के आधार पर बनी सोशल और आर्थिक (सेश) सूची के आधार पर लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण देने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। परियोजना निदेशक डीआरडीए अभिमन्यु कुमार सिंह ने बताया कि अब नई सरकार में ही लगभग 1.25 लाख आवासों पर फैसला लिया जा सकता है।