मेजवां। फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी और उनकी मित्र पूनम रविवार को मुंबई से अपने पैतृक गांव मेजवां पहुंचीं। फतेह मंजिल में शबाना आजमी और पूनम ने कैफी आजमी और फतेह हुसैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शबाना आजमी ने साथ आईं पूनम को अपने पिता का लिखा शेर सुनाया, ‘कोई तो सूद चुकाए कोई तो जिम्मा ले, उस इंकलाब का जो आज तक उधार सा है...’। फतेह हुसैन की प्रतिमा के नीचे शिलापट्ट पर लिखे शेर ‘महक खुलूस की इस संदली गुबार में है, मुहब्बत आज भी जिंदा मेरे दयार में है...’ पढ़कर सुनाया तो पूनम भावुक हो उठीं। शबाना आजमी ने कैफी आजमी पर बन रही फिल्म ‘मी रक्सम’ की शूटिंग की जानकारी भी ली। इससे पहले कैफी आजमी चिकनकारी सेंटर पहुंचने पर वहां की महिलाओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। संयोगिता ने शबाना और पूनम की आरती उतारी। ‘कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा’ के नारे से फतेह मंजिल गूंज उठा। इस मौके पर नम्रता गोयल, तनवी आजमी, आशुतोष त्रिपाठी, सभाजीत, मुकेश सिंह, गोपाल, डा. अजीत पांडेय, निहायत हुसैन, राजेश अनिरुद्ध, रामफेर, हसरत आदि थे।