आजमगढ़। स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा 2018 में जनपद में प्रथम स्थान पाने पर मुबारकपुर, द्वितीय स्थान पाने पर बिलरियागंज और तृतीय स्थान पर रहे मेंहनगर को जिलाधिकारी की ओर से पुरस्कृत किया गया था। लेकिन प्रदेश स्तर पर निर्धारित मानक पर उक्त निकाय चारो खाने चित्त हो गए। जनपद का कोई भी निकाय नगर पालिका और नगर पंचायत दोनों ही श्रेणी में प्रदेशीय स्तरीय सूची में स्थान नहीं बना पाया। इससे निकायों में स्वच्छता को लेकर चल रही मुहिम पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत शासन की ओर से पिछले दिनों सभी निकायों में स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा कराई गई थी। इसमें जनपद स्तर पर मुबारकपुर ने पहला, बिलरियागंज ने दूसरा और मेंहनगर तीसरा स्थान पाया था। जिलाधिकारी की ओर से सभी निकायों को कलक्ट्रेट मे पुरस्कृत भी किया गया था। इसके बाद प्रदेश स्तर पर भी निकायों को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया गया। इसमें जनपद से सभी विजेता निकाय फिसड्डी साबित हुए हैं। कोई भी निकाय किसी वर्ग में अपना स्थान नहीं बना पाया है। पूर्व यूपी में मिर्जापुर, संत कबीरनगर, प्रयागराज और गोरखपुर ही विभिन्न वर्गों में सम्मानित हुए सम्मान पाने वाले में ज्यादातर निकाय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहे। इससे एक बात तय हो गई है कि स्वच्छता के मामले में पश्चिम के जिलों से पूरब के जिले काफी पीछे हैं। वैसे जनपद स्तर पर मेंहनगर के सम्मानित होने पर पहले ही सवाल खड़े होने लगे थे। मेंहनगर नगर पंचायत को अभी शासन की ओर से ओडीएफ नहीं किया गया है। इसके बाद भी मेंहनगर को तीसरा पुरस्कार दिया गया था। प्रभारी अधिकारी नगरीय निकाय एवं एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिस्पर्धा के तहत निकायों का चयन शासन की ओर से किया गया था।