आजमगढ़। पिछले दिनों समाज कल्याण अधिकारी ने कुछ अनुसूचित विद्यालयों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान बच्चों की संख्या और शिक्षा का स्तर दोनों न्यून मिला था। वहीं, अध्यापकों को प्रतिमाह पूरा वेतन जारी किया गया था। इससे नाराज समाज कल्याण अधिकारी ने अध्यापकों के साथ ही सुपरवाइजरों का स्पष्टीकरण तलब किया है। पूछा गया है कि जब बच्चे पढ़ाई के लिए नहीं आए तो वेतन क्यों जारी किया गया। समाज कल्याण विभाग से जनपद में लगभग 83 अनुसूचित प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इसमें आठ सौ के आसपास शिक्षक भी हैं, जिन्हें सरकार की ओर से वेतन जारी किया जाता है। इन विद्यालयों की हालत की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। पिछले दिनों समाज कल्याण अधिकारी राजेश यादव ने कुछ विद्यालयों का निरीक्षण किया तो इसकी पोल खुल कर सामने आ गई। अनुसूचित प्राथमिक विद्यालय गहन जगदीशपुर, विधावनपुर, मोहनाठ, मुड़ियार और वजीरमलपुर आदि विद्यालयों के निरीक्षण में कुछ विद्यालयों में तो बच्चों की उपस्थिति ही शून्य मिली। कुछ में एकदम न्यूनतम मिली। जहां बच्चे थे वहां भी 25 फीसदी से उपस्थिति ज्यादा नहीं थी। बच्चों से प्रधानमंत्री का नाम पूछा गया था तो उन्होंने महात्मा गांधी का नाम लिया।विद्यालय में बच्चों का पता नहीं था अध्यापकों को प्रतिमाह बेतन जारी किया जा रहा था। नाराज समाज कल्याण अधिकारी ने अध्यापकों के साथ ही सुपरवाइजरों का स्पष्टीकरण तलब किया है।