आजमगढ़। तहबरपुर ब्लाक के आतापुर स्थित डा. अंबेडकर पुस्तकालय में मंगलवार को जनमुक्ति मोर्चा के तत्वावधान में भीमाकोरे गात्नंव शौर्य दिवस के रुप में मनाया गया। इस दौरान आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुएब प्रधानाचार्य द्वारिका प्रसाद ने कहा कि वर्तमान दौर में शासकों ने भारतीय लोकतंत्र को लूटतंत्र और तानाशाही में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान फासीवादी दौर में यह अत्यंत आवश्यक है कि जनपक्षधर बुद्धिजीवी और छात्र, नौजवान अपने ऐतिहासिक दायित्व को समझते हुए गंभीरता से विचार करें। यंग इंडिया स्टडी सर्किल के अरविंद भारती ने कहा कि आज फासीवाद नीतियों के खिलाफ लड़ाई लडने वालों को साजिशकर्ता बताना सबसे बड़ी साजिश है। उन्होंने भीमाकोरे गांव में बुद्धिजीवियों की फर्जी गिरफ्तारी की घोर निंदा की। जनमुक्ति मोर्चा के संयोजक राजेश ने कहा कि देश के अति पिछड़े और आदिवासी इलाके हो रहे भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है। इस अवसर पर रामबचन, चंद्रजीत, आलम, कोमल, हवलदार कन्नौजिया, उदयभान शर्मा, रामकरन राम सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।