आजमगढ़। कोर्ट के आदेश पर भी बैंक में सिक्के न जमा कराने वाले फूलपुर कोतवाली के पूर्व कोतवाल और वर्तमान में प्रभारी निरीक्षक सिधारी रहे रमायन सिंह यादव पर आखिरकार गाज गिर ही गई। वहीं काफी दिनों पहले शहर कोतवाल के पद से हटकर भटक रहे योगेंद्र बहादुर सिंह को थाने का चार्ज मिला, तो प्रभारी निरीक्षक निजामाबाद का प्रमोशन करते हुए उन्हें सिधारी थाने का चार्ज दिया गया। एसपी ने मातहतों को सख्त चेतावनी दी है कि अपने कार्य प्रणाली में सुधार लाएं, अन्यथा दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नोटबंदी के दौरान बैंक वाले सिक्का जमा करने से इंकार कर दे रहे थे। ऐसे में अहरौला थाना क्षेत्र का रहने वाला एक नमकीन कारोबारी फूलपुर कोतवाली के दुर्वासा धाम पर स्थित काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में दस हजार सिक्का जमा करने गया, लेकिन बैंक वालों ने लेने से इंकार कर दिया। व्यापारी की शिकायत पर तात्कालीन एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी ने फूलपुर कोतवाली के तात्कालीन कोतवाल रमायन सिंह को सिक्का जमा कराने का निर्देश दिया, लेकिन रमायन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। इसी मामले में कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी कर दिया। सख्त कोर्ट ने रमायन और शाखा प्रबंधक के खिलाफ फूलपुर कोतवाली में देशद्रोह का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने का निर्देश दिया। हालांकि किसी तरह से रमायन और शाखा प्रबंधक की जान बच सकी। साथ ही रमायन को सिधारी थाने का प्रभारी निरीक्षक बना दिया। यहां भी रमायन के खिलाफ आए दिन अधिकारियों से शिकायत की जा रही थी। साथ ही अपराध का ग्राफ भी बढ़ते जा रहा था। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए एसपी रविशंकर छवि ने शनिवार की देर रात को प्रभारी निरीक्षक सिधारी रहे रमायन सिंह यादव को हटाकर चुनाव सेल का प्रभारी बना दिया। जबकि प्रभारी निरीक्षक निजामाबाद रहे चंद्रभाष्कर द्विवेदी का प्रमोशन करते हुए उन्हें सिधारी थाने का चार्ज सौंपा। जबकि काफी दिनों से शहर कोतवाल के पद से हटकर घूम रहे योगेंद्र बहादुर सिंह को काफी दिनों बाद निजामाबाद थाने का चार्ज सौंपा गया है। एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि लापरवाही के आरोप में रमायन सिंह यादव को हटाया गया है। जिस किसी के भी कार्य में लापरवाही पाई जाएगी। उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।