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दो वर्ष में शहीद पार्क की जमीन नहीं दे सका प्रशासन

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निजामाबाद (आजमगढ़)। तहसील के गौसपुरी घूरी गांव में शहीद सिनोद की याद में प्रशासन ने शहीद पार्क बनवाने का वादा किया था। लेकिन आज तक तहसील प्रशासन शहीद पार्क की जमीन का सीमांकन भी नहीं कर सका। शहीद का भाई लगातार तहसील के चक्कर काट रहा है लेकिन तहसील कर्मियों की मनमानी से अब तक कार्य नहीं हो सका है। निजामाबाद तहसील से मात्र पांच किमी दूर गौसपुर घुरी गांव में शहीद सिनोद का परिवार रहता है। सिनोद 18 जुलाई 2016 को ड्यूटी के दौरान औरंगाबाद बिहार में नक्सलवादियों के हमले में शहीद हो गए थे। वह 205 कोबरा कमांडो के सैनिक थे। शहीद के भाई विनोद का आरोप है कि भाई शहीद हुआ तब शासन द्वारा बड़ी बड़ी योजनाएं बताई गई थी। शहीद की एक पक्की समाधि बगल के गांव में शासन द्वारा चिह्नित जमीन पर बना दी गई लेकिन प्रस्तावित शहीद स्मारक पार्क केवल कागजों में ही सिमट कर रह गया है। दो वर्षों से लगातार तहसील का चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कानूनगो और लेखपाल अपनी मनमानी कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि अभी तक स्मारक पार्क के लिए जो जमीन आवंटित की गई थी ना तो उसका सीमांकन किया गया और ना वह जमीन हम लोगों को दिलाई गई। शहीद पार्क के नाम पर वहां आज तक कुछ भी नहीं है। जबकि प्रतिवर्ष 18 जुलाई को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य सम्मानित लोग शहीद के स्मारक पर माला फूल चढ़ाते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। विनोद ने कहा कि जल्दी ही शहीद स्मारक पार्क के नाम पर दी गई जमीन चिह्नित कर उनका सीमांकन नहीं किया गया तो वे निजामाबाद तहसील में हो रहे राजस्व कर्मचारियों की मनमानी को लेकर वह स्वयं मुख्यमंत्री से मिलेंगे। एसडीएम निजामाबाद वागीश कुमार शुक्ला ने कहा है कि विनोद द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया है जिसकी जांच कराई जा रही है सही जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी
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