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मंडलायुक्त के फैसले पर अधिवक्ताओं पर धरना जारी

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आजमगढ़। मंडलायुक्त के बिना अधिवक्ता के ही वादकारियों की सुनवाई करने के फैसले से नाराज संयुक्त अधिवक्ता संघर्ष समिति द्वारा दिया जा रहा धरना गुरुवार को सातवें दिन भी कमिश्नरी में जारी रहा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मंडलायुक्त पर वादकारियों के हितों का ढोंग करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि मंडलायुक्त वादकारियों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। जो वादकारी न्यायालय कक्ष में जाकर बहस में असमर्थता व्यक्त कर रहे हैं, उनका पत्रावली पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें उपस्थित दिखाकर पत्रावली आदेश में रख ले रहे हैं। जिससे वादकारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। मंडलायुक्त एडमिशन स्तर पर मुकदमों की सुनवाई और स्थगन प्रार्थना पत्रों का निस्तारण क्यों नहीं करते। मुकदमों की सुनवाई न करने से विवाद आए दिन बढ़ रहे हैं। राजस्व परिषद को झूठी और फर्जी आंकड़ा क्यों भेजते हैं कि हमारे यहां मुकदमों में बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। जबकि आंकड़ा इसके विपरित है। एक वर्ष से अधिक समय से एडमिशन और स्थगन के लिए वादकारी इंतजार कर रहे हैं। मंडलायुक्त की मनमानी कार्यप्रणाली से मंडल के तीनों जनपदों के समस्त अधिवक्ता 16 मई से लगातार आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इस आंदोलन की लपटें अगल-बगल के जनपदों में पहुंच रही है। अधिवक्ताओं ने मंडलायुक्त से वादकारियों के हित को ध्यान में रखते हुए 11 मई के आदेश केे वापस लेने की मांग की। इस मौके पर महेंद्र प्रताप सिंह, अजय कुमार सिंह, देवमुनि राजभर, दिनेश सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार मिश्र, त्रिभुवन पति तिवारी, ओमप्रकाश पांडेय, अवधेश सिगंह आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता तारकेश्वर मिश्र और संचालन जयप्रकाश यादव ने किया।
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