लाटघाट। कोटेदार द्वारा राशन वितरण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण काफी दिनों से ब्लाक, तहसील मुख्यालय आदि जगहों पर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग किया। हर बार दी गई शिकायती पत्र पर संबंधित अधिकारी ने कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी, लेकिन नेताओं की दबाव में कोटा नहीें निरस्त हुआ तो ग्रामीण हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट सख्त रुख अख्तियार करते हुए दस दिसंबर को एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को तलब किया है। कोर्ट की सख्ती के बाद गुरुवार को एसडीएम ने कोटा निलंबित कर दिया। जिन लोगों को दस दिसंबर को तलब किया गया है। उसमें एसडीएम सगड़ी पंकज श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक शामिल हैं। बता दें कि गांव के कोटेदार भजुराम यादव हैं। ग्राम प्रधान शकुंतला यादव के मुताबिक कार्ड धारकों को राशन न मिलने पर 20 जुलाई को ब्लाक मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया गया। कोई सुनवाई न होने पर 11 सितंबर को तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन हुआ। जिस पर नायब तहसीलदार को जांच सौंपी गई। तीन अक्तूबर को नायब तहसीलदार ने रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी, लेकिन नेताओं के दबाव में एसडीएम ने मामले को दबा दिया। पुन: शिकायत करने पर पांच अक्तूबर को एसडीएम ने पूर्ति निरीक्षक को जांच सौंपी। उसने भी कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी। पर कोई कार्रवाई न होने पर गांव के हरगोविंद आदि ने 29 अक्तूबर को हाईकोर्ट में वाद दाखिल किया। 29 नवंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दस दिसंबर को एसडीएम सगड़ी, नायब तहसीलदार और पूर्ति निरीक्षक को तलब किया है। इसकी जानकारी होने पर छह दिसंबर गुरुवार को एसडीएम ने कोटा को निरस्त कर दिया।