आजमगढ़। कमिश्नर जगत राज ने कहा कि उद्योग स्थापना बेरोजगारी उन्मूलन का सशक्त माध्यम है। उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता नहीं होनी चाहिए। कमिश्नर शनिवार को अपने कार्यालय सभागार में मंडलीय उद्योग बन्धु की बैठक में उद्यमियों की समस्याएं सुन रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (पीवाईएसवाई) की समीक्षा में पाया कि मंडल में कुल 350 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। आजमगढ़ में 124, बलिया में 203 और मऊ में 23 आवेदन शामिल हैं। प्रधानमन्त्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 302 आवेदन पत्रों का निस्तारण नहीं किया गया है। संयुक्त आयुक्त उद्योग को निर्देश दिया कि आवेदन पत्रों पर शीघ्रता से कार्यवाही की जाए। औद्योगिक आस्थान मऊ में स्वतंत्र फीडर के लिए अलग से लाइन निर्माण की आवश्यकता जताई गई। बताया गया कि शासन से धनराशि प्राप्त होने पर लाइन निर्माण का कराया जाएगा। उद्यमियों ने कहा कि स्वतंत्र फीडर के लिए पहले से धनराशि जमा है। मुख्य अभियंता विद्युत को यथाशीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। मऊ के उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र ताजोपुर की सड़क खराब होने का मुद्दा उठाया। सहायक अभियंता को निर्देशित किया गया कि बरसात खत्म होते ही मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए। बलिया के उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक इकाइयां प्राय: बंद रहती हैं। बार-बार आग्रह के बावजूद तार नहीं बदला जा रहा है। बिना नोटिस जारी किए इकाइयों का कनेक्शन काटा जा रहा है। कमिश्नर ने मुख्य अभियंता को निर्देशित किया। संयुक्त आयुक्त उद्योग रंजन चतुर्वेदी, मुख्य अभियंता विद्युत पंकज कुमार, उपायुक्त अनुराग यादव और राजेश रोमन, उप श्रमायुक्त रोशन लाल, संयुक्त आयुक्त वाणिज्य कर वीपी सिंह, उद्यमी भरत कुमार ठरड, सुशील अग्रवाल, उदयभान जायसवाल उपस्थित थे।