आजमगढ़। जुमा अलविदा और ईद के मद्देनजर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ईद की नमाज को लेकर प्रशासन की ओर से थाने स्तर पर मजिस्ट्रेट की तैनाती की जा रही है। सभी ईओ को साफ-सफाई के साथ ही अपने क्षेत्र में थानेदारों को पीस कमेटी की बैठक लेने को कहा गया है। किसी भी प्रकार का विवाद होने पर ईद की नमाज के पहले ही निबटाने के आदेश दिए गए हैं। माहे मुकद्दस रमजान के तीसरे ‘अशरा-ए- नजात’ में ईद की तैयारियां तेज हो गई है। जैसे-जैसे 29वीं शब करीब आ रही है, फिजा में ईद की खुशियां घुलने लगी है। आखिरी जुमा आने के साथ मस्जिदों और घरों में ईद की तैयारियां तेज हो गई हैं। रोजेदारों ने पहले अशरे में अल्लाह की रहमतों को तलब किया और रमजान के इकराम का पूरा ख्याल रखा। दूसरे अशरे में ज्यादा से ज्यादा नेकियां हासिल की। अब अशरा-ए-नजात ईद की खुशियां लेकर आया है, इसीलिए इस अशरे में इबादतगाहों में ज्यादा से ज्यादा कुरान की तिलावत की जा रही है। अलविदा की नमाज रमजान के रुखसत का पैगाम है। माहे रमजान में की गई इबादत से खुश होकर अल्लाह ने ईद की खुशियां इनायत की हैं। 25वें और 29वें रोजे को शबेकद्र की खास इबादत होगी। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना इंतखाब आलम कासमी ने बताया कि माहे रमजान के जितने भी दिन बकाया हैं, रोजेदार खुदा की बारगाह में कुरान पाक की तिलावत करें। वहीं, घरों में भी ईद की तैयारियों में महिलाएं जुट गई हैं। ड्राइंग रूम को नया लुक देने, स्पेशल डिशेज आदि के लिए पर्दे, चादर, कपड़े आदि की खरीदारी की जा रही है। ईदी में तोहफे भी खरीदे जा रहे हैं। ईद पर कई तरह की सेवइयां बनाई जाएंगी। नमकीन के साथ चाट, पकौड़ी भी बनेगी। छोटों को देने के लिए ईदी के पैकेट भी तैयार किए गए हैं। माहे मुकद्दस के पूरा होने में अभी कुछ रोज बाकी रह गए हैं। 15 जून को जामा मस्जिदों सहित शहर की तमाम मस्जिदों में अलविदा की नमाज होगी। नमाजियों की तादाद को देखते हुए ही मस्जिद कमेटियों की ओर से तैयरियां शुरू कर दी गई है। जगह कम होने पर बाहर सफबंदी करनी की योजना है। जुमा अलविदा और ईद की तैयारियों में प्रशासनिक अमला भी जुट गया है। जिलाधिकारी शिवांकात द्विवेदी ने ईद की नमाज को लेकर थाने स्तर पर मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सभी निकायों के अध्यक्षों और अधिशासी अधिकारी को ईदगाह और मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव आदि की समस्या को खत्म कराने को कहा गया है। पशुओं खासकर सुअरों को बाड़े आदि में ही रखने के निर्देश दिए हैं। थाना प्रभारियों को पहले ही पीस कमेटी की बैठक कर किसी भी प्रकार का विवाद सामने आने पर निबटाने के निर्देश दिए गए हैं।