आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विवाह पंजीकरण नियमावली 2017 प्रख्यापित की जा चुकी है। नियमावली शुरू होने के बाद संपन्न प्रत्येक विवाह या पुनर्विवाह, जहां विवाह के पक्षकारों में कोई एक उप्र राज्य का स्थायी निवासी हो अथवा विवाह प्रदेश सीमा के अंदर हुआ हो पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। उप निबंधक सदर राम सुंदर यादव ने बताया विवाह प्रार्थना-पत्र का ऑनलाइन आवेदन करने के बाद यदि आधार नंबर एवं मोबाइल नंबर से लिंक है तो आवेदन के पश्चात विवाह प्रमाण-पत्र डाउनलोड किया जा सकता है। विवाह का प्रमाण-पत्र आनलाइन आवेदन करने के बाद उपनिबंधक कार्यालय से भी प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए निर्धारित शुल्क एक वर्ष का 10 रुपया है, इसके बाद 50 रुपया प्रति वर्ष के हिसाब से जोड़ कर दजेय है। अधिक जानकारी के लिए उपनिबंधक कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। ब्यूरो