अहरौला। बूढ़नपुर तहसील के गांव गहजी में जमीन की पैमाइश के लिए पहुंची चकबंदी विभाग की टीम को ग्रामीणों के विरोध के सामना करना पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने टीम और चकबंदी विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसी बीच गांव स्थित एक पोखरे की नापी का आदेश चकबंदी विभाग के देने से दूसरे पक्ष ने भी विरोध दर्ज कराया। इससे दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। मामला बढ़ता देख पैमाइश करने गई टीम बैरंग वापस हो गई। बूढनपुर तहसील के अहरौला विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सभा गहजी की चकबंदी 1971 से बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि 27 मई को डीडीसी न्यायालय में एक बाद दाखिल किया गया है। इसकी सुनवाई 30 मई को होगी। उसके निर्णय के बाद ही कुछ होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए उनसे लेनदेन कर रहा है। ग्रामीण पारदर्शी एवं निष्पक्ष चकबंदी सहित मूलभूत सुविधाओं की मांग पर अड़े हैं। ऐसा न होने पर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी है। बुधवार को ग्रामीण डीएम को भी मूलभूत सुविधाओं सहित पारदर्शी ढंग से चकबंदी कराने के लिए प्रार्थना पत्र देंगे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह, राकेश सिंह, अशोक सिंह, दशरथ सिंह, हनुमान सिंह, गजेंद्र सिंह, कोमल निषाद, राममअचल यादव, हरदेव यादव, प्रदीप सिंह, सूर्यपाल सिंह, रमेश सिंह, रामसुनदंर यादव, दुईज निषाद, हरिवंश सिंह, अमलेश यादव, धर्मराज यादव,न रामपलट सिंह आदि लोग रहे।