मेजवां। फूलपुर तहसील क्षेत्र के मेजवा गांव में रविवार को मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को इमामे जुमा चमावां मौलाना वसी मुहम्मद खां ने खिताब किया। मौलाना ने जब करबला में शहीद इमाम हुसैन और जनाबे सकीना कोमसायब पेश किए तो सभी लोग रो पड़े। मजलिस शुरू होने से पूर्व शायरे अहले बैत इशरत आजमी, हारून आजमी, शमीम ने मौला की बारगाह में नजराना अकीदत पेश किया। अलमदार हुसैन ने पेशख़्वानी की। मौलाना ने कहा कि दौलत आले मुहम्मद का सदका है। अगर आले मुहम्मद का सदका न होता तो दौलत और इंसान न होता। हमारा वजूद ही आले मुहम्मद का सदका है। उन्होने कहा की अहले बैत को चाहने वाला कभी मरता नहीं वह शहीद होता है। हमारे यहां कोई मरता है तो हम इमाम हुसैन की मजलिस करते हैं। मजलिस का सिलसिला लगभग एक घन्टा तक चला। इस मौके पर अबुल हसन, अलमदार हुसैन, अजादार,आफताब, रेहान, राजीउल हसन, मेहदी हसन एडवोकेट, अली अंसर, अली हैदर, अली संजर, सखवात हुसैन, शौकत, फ़ैज, कामरान,नफीस, एहतेशाम, नासिर, जाकिर,आरिफ, फ़िरोज थे।