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मेमो गायब होने से नहीं हो सका था पोस्टमार्टम

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आजमगढ़। शहर कोतवाली से बलरामपुर पुलिस चौकी पर अज्ञात युवक की लाश का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया मेमो पुलिस चौकी से गायब हो गया। कागजात न मिलने से युवक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। ना ही पीएम कराने के लिए जिला अस्पताल के डाक्टर और पुलिस चौकी वालों ने ही कोई ध्यान दिया। जिसका परिणाम था कि युवक की लाश मोर्चरी में सड़ रही थी। शनिवार को मामला सुर्खियों में आने पर डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने तत्काल पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया। आलम यह रहा कि सुबह दस बजे ही उसका पोस्टमार्टम कराकर लाश का अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में शहर कोतवाल की लापरवाही उजागर होने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। सितंबर 2017 में एक चालीस वर्षीय युवक को घायलावस्था में जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया। उसका पैर चोट लगने से सड़ गया था। युवक घायलावस्था में जिला अस्पताल के बाहर पड़ा दर्द से कराह रहा था। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो डाक्टर और कर्मचारियों ने उसे अस्पताल में दाखिल कराकर इलाज करना शुरू किया था। करीब एक वर्ष से अधिक समय से युवक जिला अस्पताल में पड़ा रहा। उसका खोज-खबर लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। आलम यह रहा कि चार जनवरी को युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी लाश मोर्चरी में रखवा दी गई जो पड़ी-पड़ी सड़ने लगी। शनिवार के अंक में अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो प्रशासन के होश उड़ गए। डीएम शिवाकांत द्विवेदी के निर्देश पर जिला अस्पताल के डाक्टर मनोज राव, चीफ फार्मासिस्ट अरविंद चौधरी ने सुबह दस बजे पोस्टमार्टम कर दिया। आमतौर पर पीएम दोपहर दो बजे के बाद शुरू होता है। पीएम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एसपीसिटी कमलेश बहादुर ने बताया कि पीएम कराने के लिए होमगार्ड के जरिए मेमो बलरामपुर पुलिस चौकी पर भेजवा दिया। गार्ड चौकी पर कागज रखकर चला गया जो वहां से गायब हो गया। इसके चलते पीएम नहीं हो सका। किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। लापरवाही उजागर होने पर शहर कोतवाल विनय मिश्रा से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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