निजामाबाद। तहसील क्षेत्र के शिवली गांव में मंगलवार को कदीम जुलूसे अमारी का आयोजन हुआ। या अली या हुसैन की सदाओं से पूरा शिवली गांव गूंज उठा। लुटे हुए काफिले की याद में आयोजित इस जुलूसे अमारी में विभिन्न जनपदों से आए अंजुमनों ने प्रतिभाग किया। शिवली गांव स्थित कर्बला मैदान से सुबह जुलूसे अमारी की शुरूआत हुई। जुलूस के साथ ही अलम व दुलदुल निकाला गया। इस जुलूसे अमारी में आजमगढ़ जिले के विभिन्न अंजुमनों के साथ ही गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, मऊ, अकबरपुर, मुरादाबाद व जौनपुर के अंजुमनों ने भी बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया। लोगों ने अलम व दुलदुल पर फूलों का सेहरा चढ़ा कर मन्नत और दुआएं मांगी। इस दौरान कत्लगाहे इमाम हुसैन का मंजर के साथ कर्बला में 72 साथियों की कुर्बानी का ताबूत निकाला गया। कार्यक्रम में मौलाना एजाज हुसैन, मौलाना हसन अब्बास, मौलाना नदीम असगर, मौलाना जमीरूल हसन, मौलाना शमीमुल हसन, मौलाना कैसर अब्बास, मौलाना नदीम असगर, मौलाना एजाज हसनैन, मौलाना काजिम मेंहदी आदि तकरीर किया। वहीं अंजुमन असगरिया सुल्तानपुर, अंजुमन सज्जादिया अकबरपुर, अंजुमन गुंचाये इस्लाम मुरादाबाद, अंजुमन जिनतुलअजा आलमपुर बाराबंकी, अंजुमन सज्जादिया घोसी मऊ, अंजुमन यादगारे मेंहदी मुंबई, अंजुमन अंसारे हुसैनी मुबारकपुर, अंजुमन सिपाहे मेंहदी, अंजुमन अलमदारे हुसैनी आदि ने हिस्सा लिया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ देर शाम गफूर मरहूम के इमाम बारगाह में पहुंच कर संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में सैयद जफर अब्बास, कमर अब्बास, अनवर अब्बास, फजल अब्बास, जुल्फिकार हैदर, शमीम हैदर फैजी, कैसर अब्बास, जीशान अली आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।