आजमगढ़। मिर्जापुर ब्लाक के ग्राम पंचायत सुरही बुजुर्ग के प्रधान के खिलाफ ग्रामीणों ने धनउगाही की शिकायत की थी। जिस पर जांच का आदेश हुआ था। जांच अधिकारी ने बिना ग्रामीणों के जानकारी के अपनी जांच पूरी कर ली और जांच आख्या भी प्रधान के पक्ष में सौंप दिया। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और जिलाधिकारी को पत्रक सौंप कर नये सिरे से प्रकरण की जांच कराए जाने की मांग उठाई। डीएम को सौंपे पत्रक में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान उर्मिला देवी पत्नी राजकुमार द्वारा गांव में कराए गए सभी कार्यों में गड़बड़ी है। इसके साथ ही समतलीकरण के कार्य में ग्रामीणों से धन उगाही भी की गई है। वहीं कई कार्यों पर दूसरी बार भी बजट का आवंटन करा लिया गया है। इसकी शिकायत 26 जून 2018 को हुई थी। जिस पर जांच अधिकारी भी नियुक्त किए गए थे। जांच अधिकारी ने अपनी जांच बिना शिकायत कर्ता और ग्रामीणों को सुने ही पूरी कर ली। प्रधान से मिली भगत कर उसके पक्ष में अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी। जांच अधिकारी गांव में जांच के लिए कब आए और जांच कर चले गए किसी को पता ही नहीं चल सका। ऐसे में शिकायत पर सौंपी गई जांच आख्या पूरी तरह से गलत है। ग्रामीणों ने पुन: नये सिरे से शिकायत की और जांच सक्षम अधिकारी के स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से कराने की मांग की। पत्रक देने वालों में जनार्दन चौहान, उमाकांत चौहान, राम कुंवर, कवलधारी, ठाकुर प्रसाद, रामजीत, रामचंद्र, कल्पनाथ, राजदेव चौहान आदि शामिल रहे।