फूलपुर। मेजवां फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को कार्यालय पर प्रगतिशील शायर स्व. कैफी आजमी की जयंती सादगी के साथ मनाई गई। स्व. आजमी के कृतित्व एवं व्यक्तितव पर चर्चा कर उन्हें याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आजमी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कैफी आजमी तरक्की पसंद शायर थे। उन्होंने 11 वर्ष की अवस्था में पहली ग़जल लिखी। इसे हिंदुस्तान की मशहूर गायिका बेगम हजरत ने अपनी आवाज से नवाजा। उनकी जन्मभूमि मेजवां और कर्मभूमि मुंबई थी। कैफी आजमी इलाके की तरक्की के साथ रेल संघर्षों से जुड़े रहे। शाहगंज-मऊ के बीच मीटर गेज से ब्रॉड गेज बनाने में उनका काफी योगदान रहा। संचालन सखवात हुसैन ने किया। इस मौके पर मिनहाज, शाहजात, अमरनाथ बरनवाल, रामआसरे वर्मा, फिरतू, वीरेंद्र कुमार, नैयर रजा, सरवत बानो, बिलकीस, नेदा बनो, शुजात, राजेन्द्र कुमार, अली अंसर, सैयद शमीम काजिम आदि थे।