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प्रोन्नति व नियुक्ति में खेल, जांच करेगी की तीन सदस्यी कमेटी

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आजमगढ़। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ में अब प्रोन्नति व नियुक्ति में भी खेल का मामला प्रकाश में आ गया है। पालिका के एक कर समाहर्ता की शिकायत पर प्रोन्नति व नियुक्ति में हुए खेल की जांच को लेकर जिलाधिकारी ने चार सदस्यी कमेटी भी गठित कर दी है। नपा आजमगढ़ में कार्यरत कर समाहर्ता योगेंद्र सिंह ने मंडलयुक्त व जिलाधिकारी को दिए पत्र में नपा में हुए प्रोन्नति व नियुक्ति में खेल को उजागार किया है। योगेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने प्रोन्नति के लिए प्रत्यावेदन किया था। 2011 में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष शीला श्रीवास्तव ने आख्या प्रस्तुत किया कि मात्र एक पद रिक्त है जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जिसके चलते उनकी प्रोन्नति नहीं हुई। वहीं इस आख्या के कुछ ही दिन बाद तत्कालीन चेयरमैन ने पिछड़ा वर्ग के लालबहादुर यादव को मेठ पद से प्रोन्नति कर दी गई। इतना ही नहीं एक और कर्मचारी वीरेंद्र कुमार यादव को 2008 में तत्कालीन चेयरमैन स्व. गिरीश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा नियम विरूद्ध विकलांग कोटे के अंतर्गत पदोन्नति दी गई। वहीं लिपिक पद पर एक अन्य नियुक्ति में भी खेल हुआ है। इस पर कर समाहर्ता येागेंद्र सिंह ने 2012 में ही जिलाधिकारी के समक्ष प्रत्यावेदन किया था। इस शिकायत का अब तक निस्तारण नहीं हुआ है। मामला संज्ञान में आने पर मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को पत्र भेज कर प्रकरण का त्वरित निस्तारण कराने का निर्देश दिया। जिस पर जिलाधिकारी ने चार सदस्यी कमेटी का गठन कर जांच की कवायद शुरू कराई है। चार सितंबर 2018 को गठित जांच कमेटी में एसडीएम सदर, मुख्य कोषाधिकारी, जिला शासकीय अधिवक्ता व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका शामिल है। इस कमेटी ने अब तक अपनी जांच आख्या प्रस्तुत नहीं की है। जिस जांच कमेटी में शामिल लोगों को पुन: पत्र जारी कर जांच आख्या उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
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