आजमगढ़। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष और जनपद न्यायाधीश हसैनन कुरैशी के निर्देशन में बालिका दिवस के अवसर पर मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय मडय़ा में विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा के सचिव मौसमी मद्धेशिया ने कि महिलाएं और बच्चियां अपने आप को कमजोर न समझे। महिलाएं भी आज हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर कार्य कर रही है। बेटा हो या बेटी दोनों एक समान परवरिश के अधिकार है। अधिवक्ता सीएल निगम रिटेनर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ, राजकीय योजनाओं के बारे में और राजकीय योजनाओं के साथ नि:शुल्क विधिक सहायता के बारे विस्तार से जानकारी दी। तहसीलदार सदर हेमंत कुमार कहा कि घर की जब एक महिला शिक्षित होती है तो दो परिवारों को शिक्षित करती है। इस दौरान सदस्य रंजना मिश्रा, अवनीश चंद्र मिश्र ने भी विचार व्यक्त किए। धनंजय मिश्र ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।