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रोडवेज प्रशासन का पुतला फूंक जताया विरोध

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आजमगढ़। रोडवेज प्रशासन और कर्मचारियों के लिए मुखर हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं का आक्रोश रविवार को भी जारी रहा। पूर्वांचल मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बवाली मोड़ पर रोडवेज प्रशासन का पुतला फूंका तो वहीं राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद ने बैठक कर पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई किए जाने पर नाराजगी जताई गई है। पूर्वांचल मुक्ति मोर्चा के जिला सचिव मो. कैफी आजमी के नेतृत्व में कार्यकर्ता रविवार को दिन में बवाली मोड़ पर पहुंचे और रोडवेज प्रशासन का पुतला फूंक कर जबरदस्त नारेबाजी की। संगठन के लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय और उच्चाधिकारियों के शह पर ही रोडवेज के कर्मचारी मनबढ़ हो गए है। स्थानीय लोगों को इन मनबढ़ कर्मचारियों के चलते ही दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। मो. कैफी ने कहा कि शासन का सख्त निर्देश है कि रोडवेज के पास प्राइवेट वाहन न खड़े हो इसके बाद भी रोडवेज के कर्मचारी और अधिकारी पैसा लेकर प्राइवेट वाहनों को सवारियां लादने देते है। इससे परिवहन निगम को राजस्व की हानि हो रही है, लेकिन रोडवेज प्रशासन मौन साधे है क्योकि रोडवेज के अधिकारियों को भी मोटी रकम प्राइवेट वाहन मालिकों से मिल रही है। मुख्य मार्ग पर रोडवेज चालक बस खड़ी कर रास्ता जाम करते है, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। एडीएम प्रशासन ने भी आठ फरवरी को निर्देश जारी किया था, जिसमें आरएम को निर्देशित किया गया था कि बसों को सड़कों पर न खड़ा किया जाए और परिसर के अंदर ही बसों का ठहराव हो। इस आदेश का भी आज तक क्रियान्वयन नहीं हो सका। वर्तमान में रोडवेज कर्मचारियों की मनबढ़ई की स्थिति यह है कि ये गोलबंदी कर विरोध करने वालों पर टूट पड़ते है। मारपीट कर घायल करने के साथ ही पुलिस प्रशासन पर हड़ताल और चक्काजाम का धौंस जमा कर पीड़ित पर ही कार्रवाई भी करा देते है। आम जनता द्वारा अपनी मांग को लेकर चक्काजाम किये जाने पर पुलिस जाम करने वालों पर मुकदमा पंजीकृत कर देती है लेकिन शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों ने राजमार्ग के साथ ही कई मार्गो को चार घंटे तक जाम रखा लेकिन इन पर कोई मुकदमा आज तक नहीं दर्ज हुआ। वहीं राष्ट्रीय विद्यार्थी चेतना परिषद की भी बैठक शिब्ली पीजी कालेज में हुई। जिसमें समाजसेवी एसके सत्येन के परिवार के साथ हुए मारपीट और मुकदमा दर्ज किये जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई। प्रदेश महासचिव लालजत यादव ने कहा कि मनबढ़ रोडवेज कर्मियों के खिलाफ अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। सड़क पर बसे खड़ी होने के चलते मरीज को ले जाने वाले एंबुलेंस व बच्चों को ले जाने वाले स्कूली बसों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बैठक में हरिकेश, संतोष, राकेश, विपिन, हरेंद्र, लोकपति, संतोष, सौरभ, धर्मेंद्र, योगेश, पंकज, मुराली आदि मौजूद रहे।
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